सरवानिया महाराज। एक तरफ करोड़ों की लागत से बना चमचमाता अस्पताल, बेहतर साफ-सफाई, शानदार ओपीडी और प्रसव सेवाओं में रिकॉर्ड प्रदर्शन... तो दूसरी तरफ रात के समय दुर्घटना में घायल मरीज को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाना! यह विरोधाभास नीमच जिले के सरवानिया महाराज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
करीब 1 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से तैयार इस अस्पताल को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स की सेंट्रल लिस्ट में दूसरा स्थान मिलने की जानकारी सामने आई है। लेकिन स्थानीय स्तर पर इमरजेंसी चिकित्सा सुविधाओं की कमी अब क्षेत्रवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
रात में घायल को लेकर पहुंचे परिजन, नहीं मिला डॉक्टर!
शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात ग्राम पालरा खेड़ा का एक व्यक्ति मोटरसाइकिल दुर्घटना में घायल हो गया। घायल को उसके परिचित और डायल-112 की टीम तत्काल सरवानिया महाराज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई जिम्मेदार डॉक्टर या इमरजेंसी स्टाफ मौजूद नहीं था। मजबूरन परिजन घायल को उपचार के लिए नीमच लेकर गए। घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय दुर्घटना या अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में मरीजों को नीमच अथवा अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है।
क्या सड़क हादसे भी ओपीडी का समय देखकर होंगे?
शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी का समय सुबह 9 से दोपहर 2 बजे और शाम 5 से 6 बजे तक है। इसके बाद नियमित रूप से डॉक्टर की उपलब्धता नहीं रहती। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अचानक होने वाली दुर्घटनाओं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के दौरान मरीज आखिर कहां जाएं?
प्रसव सेवाओं में शानदार प्रदर्शन, अक्टूबर में 48 सफल डिलीवरी
हालांकि अस्पताल की उपलब्धियां भी कम नहीं हैं। यहां ओपीडी और 24 घंटे संचालित प्रसव केंद्र की व्यवस्थाएं सराहनीय बताई जा रही हैं। प्रसव केंद्र पर चौबीस घंटे स्टाफ नर्स की तैनाती रहती है। अक्टूबर माह में निर्धारित लक्ष्य से पांच गुना अधिक यानी रिकॉर्ड 48 सफल प्रसव कराए गए।
साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं के आधार पर अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों में बेहतर स्थान मिलने की जानकारी है। लेकिन इमरजेंसी सेवाओं की कमी ने अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अस्पताल अपग्रेड होना जरूरी: सीएमएचओ
नीमच सीएमएचओ डॉ. दिनेश प्रसाद ने बताया कि पीएचसी स्तर पर निर्धारित ओपीडी समय में ही डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं। अधिक इमरजेंसी होने पर फोन कॉल के माध्यम से डॉक्टर की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इसका अपग्रेड होना आवश्यक है।
करोड़ों के भवन बना दिए, लेकिन इमरजेंसी सुविधा नहीं: कांग्रेस
जावद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह सिसौदिया ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर नए भवन बनाकर वाहवाही तो लूट ली गई, लेकिन जावद ब्लॉक की स्वास्थ्य सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि आज भी क्षेत्र में आकस्मिक चिकित्सा के लिए मरीजों को नीमच या बड़े केंद्रों पर जाना पड़ता है। शासन को सभी परिषद क्षेत्रों में इमरजेंसी डॉक्टरों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के प्रयास जारी रू अर्जुन माली
सरवानिया मोरवन मंडल अध्यक्ष अर्जुन माली ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा के प्रयासों से जर्जर अस्पताल भवनों के स्थान पर नए भवनों का निर्माण कर व्यवस्थाएं बेहतर की गई हैं।
उन्होंने कहा कि सरवानिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने के लिए संबंधित स्तर पर अवगत कराया जा चुका है। इमरजेंसी में 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहें, इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।