रतलाम/जावरा। भ्रष्टाचार के खिलाफ उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उप वन मंडल जावरा में पदस्थ डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को की गई इस कार्रवाई से वन विभाग में हलचल मच गई।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल योगेश देशमुख के निर्देशन, पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व एवं पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन विनोद कुमार दीक्षित के निर्देशों पर की गई।
केस बनाने की धमकी देकर मांगे थे 2 लाख रुपये
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, ग्राम शक्करखेड़ी, तहसील पिपलोदा निवासी रहीश खां पिता अमीर शाह ने 29 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन को लिखित शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपने खेत में रखी जलाऊ लकड़ी अशफाक खान को बेची थी। इसी मामले में डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा ने केस बनाने की धमकी देकर कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आवेदक के निवेदन के बाद आरोपी 65 हजार रुपये लेने पर सहमत हो गया।
शिकायत सही पाई गई, फिर लोकायुक्त ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त उज्जैन के उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद्र पटेल द्वारा मामले का सत्यापन कराया गया। जांच में रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त की विशेष ट्रैप टीम गठित की गई।
शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए टीम ने डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा को शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि के 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त की कार्रवाई जारी थी।
10 सदस्यीय टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस ट्रैप कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हिना डाबर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक शिव कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, मोहम्मद इसरार और उमेश जाटव सहित कुल 10 सदस्यीय टीम शामिल रही।
रिश्वत मांगने वालों की लोकायुक्त से करें शिकायत
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी सरकारी कार्य करने के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत लोकायुक्त उज्जैन से करें।