जावरा। शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सुभाष स्कूल भवन को महिला एवं बाल विकास विभाग को आवंटित करने का विवाद एक बार फिर गरमा गया। मंगलवार को आक्रोशित विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि लगातार विरोध और ज्ञापन के बावजूद प्रशासन ने उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
अस्थाई आवंटन बना विवाद की वजह
दरअसल, महाविद्यालय परिसर में स्थित सुभाष स्कूल भवन अस्थाई रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग को आवंटित किया गया था। छात्र संगठन लंबे समय से इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। पूर्व में विद्यार्थियों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन भी सौंपा था। इसी बीच विभागीय अधिकारियों ने पिछले दो दिनों से भवन में अपना कामकाज शुरू कर दिया, जिससे छात्रों का आक्रोश बढ़ गया।
सूचना मिलने पर छात्र नेता जितेंद्र यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और कार्यकर्ता महाविद्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। इससे कॉलेज में प्रवेश व्यवस्था प्रभावित हुई। सूचना पर जावरा पुलिस और महाविद्यालय प्रशासन भी मौके पर पहुंचा।
लिखित आश्वासन के बाद खुला कॉलेज का गेट
पुलिस और प्राचार्य ने छात्रों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर की बातचीत के बाद प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि महाविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी कलेक्टर से चर्चा कर लिखित आदेश लेकर आएंगे। आदेश में भवन को कुछ महीनों के लिए अस्थाई रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग को देने तथा विभाग का नया भवन तैयार होते ही सुभाष भवन वापस महाविद्यालय को सौंपने का उल्लेख रहेगा।
छात्र नेता जितेंद्र यादव ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन अपने आश्वासन से पीछे हटता है तो विद्यार्थी उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी महाविद्यालय और नगरीय प्रशासन की तय करने की बात कही।
प्रशासन के आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने मुख्य द्वार से ताला हटाया और धरना समाप्त कर दिया। फिलहाल इस विवाद का स्थायी समाधान प्रशासन के लिखित आदेश और आगामी कार्रवाई पर निर्भर है।