इंदौर। मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम में इंदौर के आठ विधायकों की गैरमौजूदगी अब सियासी चर्चा का विषय बन गई है। इंदौर के लता मंगेशकर सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तो पहुंचे, लेकिन आमंत्रित किए गए शहर के बाकी आठ विधायक नजर नहीं आए। हैरानी की बात यह रही कि मंच पर विधायकों के नाम से आरक्षित कुर्सियों पर अधिकारी बैठे दिखाई दिए। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है, जबकि बीजेपी ने विधायकों की व्यस्तता का हवाला दिया है।
मंच पर विधायकों के नाम की कुर्सियां लगाई गई
एक नवंबर को पूरे मध्य प्रदेश में स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इंदौर के लता मंगेशकर सभागृह में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए। लेकिन कार्यक्रम में शहर के आठ विधायक नजर नहीं आए, जिन्हें आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के मंच पर विधायकों के नाम की कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो इन कुर्सियों पर जनप्रतिनिधियों की जगह अधिकारी बैठे दिखाई दिए।
बीजेपी में किसी तरह की अनबन नहीं
इसके बाद कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे और विधायकों की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठने लगे। मामले पर बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कहा कि विधायक और जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याओं के समाधान में व्यस्त रहते हैं। संभव है कि समय नहीं मिलने के कारण वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी में किसी तरह की अनबन नहीं है और सभी नेता मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
वीडियो ने शहर की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी
वहीं, कांग्रेस ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में ही बीजेपी के जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पार्टी के अंदर की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल बीजेपी ने विधायकों की गैरमौजूदगी को व्यस्तता बताया है, जबकि कांग्रेस इसे लेकर सवाल उठा रही है। अब स्थापना दिवस के कार्यक्रम से सामने आए इन वीडियो ने शहर की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।