नीमच। सरकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ की महिलाओं का सब्र अब जवाब देने लगा है। महीनों से काम करने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने से नाराज महिलाओं ने मंगलवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
हाथों में सब्जियां और सूखी रोटियां लेकर महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं बताईं। महिलाओं का कहना है कि एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी योजनाओं में काम करने वाली महिलाओं को महीनों से उनका मेहनताना और कमीशन नहीं मिल रहा है।
महासंघ ने ज्ञापन में बताया कि मध्यान्ह भोजन योजना की कुकिंग कॉस्ट जुलाई से अक्टूबर तक लंबित है। वहीं, रसोइया बहनों को जून से मानदेय नहीं मिला है। आंगनवाड़ी पोषण आहार एवं टेक होम राशन (THR) का भुगतान अगस्त से तथा महिला PDS विक्रेताओं का कमीशन जुलाई से बकाया है।
महिलाओं ने मांग की है कि सभी लंबित भुगतानों का तत्काल भुगतान किया जाए। इसके साथ ही रसोइया बहनों का मानदेय बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन और महिला PDS विक्रेताओं का कमीशन 200 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि भुगतान नहीं मिलने के बावजूद उन्हें उधार लेकर सरकारी योजनाओं का संचालन करना पड़ रहा है। त्योहारों का समय नजदीक होने के कारण उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ गई हैं।
महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई कर लंबित भुगतान जारी नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अधिकारी ने दो दिन में भुगतान का दिया आश्वासन-
वहीं, प्रशासनिक अधिकारी की ओर से बताया गया कि दो माह का भुगतान बकाया है और इसे दो दिन में जारी कर दिया जाएगा। हालांकि, महिलाओं की ओर से उठाए गए अन्य लंबित भुगतानों और मानदेय-कमीशन बढ़ाने की मांग पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।