मंदसौर। कलेक्टर गौतम सिंह की अध्यक्षता में उर्वरक व्यवस्था से जुडे़ जिला अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सर्वर डाउन होने पर उर्वरक का ऑफलाईन विक्रय करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप संचालक कृषि, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, उपायुक्त सहकारी संस्थायें, जिला विपणन अधिकारी तथा जूम वीसी के माध्यम से समस्त एस.डी.एम. व तहसीलदार सामिल हुवे।
जिले में उर्वरक उपलब्धता, आपूर्ति, वितरण, विक्रय केन्द्रों पर कतारों की स्थिति तथा केन्द्रों पर कृषक सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। जिले में 2771 मे.टन यूरिया, 1766 मे.टन डी.ए.पी., 2129 मे.टन एनपीकेएस तथा 11501 मे.टन एसएसपी उपलब्ध है। वितरण की स्थिति को देखते हुये जिले को गतवर्ष के माह नवम्बर की खपत के मान से पर्याप्त उर्वरक प्राप्त हो चुका है।
कल 10 नवम्बर को सर्वर स्लो होने से विक्रय केन्द्रों पर कृषकों के कतार लगने की स्थिति बनी थी। इस संबंध में कलेक्टर ने निर्देशित किया गया कि सर्वर डाउन होने की स्थिति में कृषकों से आधार एवं मूल भू-अधिकार पुस्तिका प्राप्त कर ऑफलाईन उर्वरक विक्रय किया जावे तथा पीओएस मशीन प्रारंभ होने पर किसानों को बुलाकर पीओएस से उर्वरक विक्रय किया जाकर आधार एवं मूल भू-अधिकार पुस्तिका वापिस की जावें।
जिले में आज दलौदा में चम्बल कम्पनी की यूरिया रैक लगने से 1350 मे.टन यूरिया सहकारी एवं निजी क्षेत्र में प्राप्त होगा। आगामी यूरिया रैक नीमच में इफको कम्पनी की आ रही है जिससे लगभग 1500 मे.टन यूरिया जिले को प्राप्त होगा। बैठक में उर्वरक विक्रय केन्द्र पर उपलब्ध यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की समीक्षा की गई तथा प्राप्त हो रही उर्वरक रैक से सर्वप्रथम न्यून उपलब्धता वाले विक्रय केन्द्रों पर उर्वरक आपूर्ति के निर्देश दिये गये। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर प्रतिदिन भ्रमण एवं सतत् निगरानी रखी जावे तथा उर्वरक प्राप्त होने में कृषक को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। यह सुनिश्चित किया जावे। उर्वरक वितरण पर नजर रखने के लिये अपर कलेक्टर जिला मन्दसौर की निगरानी में कन्ट्रोल रूम की स्थापना कलेक्ट्रेट में की गई।