चित्तौड़गढ़। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के अंतर्गत बुधवार को को ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर महास्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया गया।
अभियान के तहत दुर्ग स्थित व्यू पॉइंट से विजय स्तंभ तक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें जिला प्रशासन, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली के पश्चात विजय स्तंभ एवं कालिका मन्दिर परिसर में जिला कलक्टर डॉ. मंजू के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान चलाया गया। जिला कलक्टर सहित उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं युवाओं ने सफाई कर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पानी बचाने, वर्षा जल संग्रहण एवं अधिकाधिक पौधारोपण के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार के स्वच्छता अभियान केवल औपचारिकता न रहकर प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित किए जाएं तो जिले में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में व्यापक परिवर्तन संभव है।
जिला कलक्टर ने अभियान में बड़ी संख्या में शामिल युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण आंदोलनों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने औद्योगिक संस्थानों से आगामी वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधारोपण करने, आसपास के क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने तथा सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं विकसित करने का आह्वान किया।
अभियान में अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश चंद्र धाकड़, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, उपखंड अधिकारी बीनू देवल, नगर परिषद आयुक्त रविंद्र यादव सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान हिंदुस्तान जिंक, वंडर सीमेंट, बिरला सीमेंट, आदित्य बिरला अल्ट्राटेक, संगम सहित अनेक औद्योगिक संस्थानों एवं कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई।