शाजापुर। किसान भाई डीएपी या एमएपी में से किसी भी उर्वरक का उपयोग कर सकते हैं। राज्य शासन द्वारा जिले को डीएपी खाद के साथ-साथ एमएपी खाद भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
किसान कल्याण एवं कृषि उपसंचालक केएस यादव ने किसान भाईयो से अपील की है कि डीएपी के स्थान पर एमएपी का भी उपयोग किया जा सकता है। एमएपी में 11 प्रतिशत नाइट्रोजन एवं 52 प्रतिशत फास्फोरस, इस प्रकार कुल 63 प्रतिशत पोषक तत्व उपलब्ध है। इसी प्रकार डीएपी में 18 प्रतिशत नाइट्रोजन एवं 46 प्रतिशत फास्फोरस, इस प्रकार कुल 62 प्रतिशत पोषक तत्व उपलब्ध हैं। किसान भाई प्राथमिक साख समिति अथवा निजी विक्रेताओ पर उपलब्ध डीएपी या एमएपी में से किसी भी उर्वरक का उपयोग कर सकते हैं।