नीमच। नगर पालिका परिषद नीमच की 16 जनवरी को पुरानी नगर पालिका परिषद हाल में आयोजित परिषद की बैठक में इंदिरा नगर की प्रमुख जन समस्याओं को प्रमुखता से उठाई जाएगी।
उक्त बात पार्षद सुमित्रा मुकेश पोरवाल आज होने वाली नगर पालिका परिषद की बैठक को लेकर कही। उन्होंने कहा कि इंदिरा नगर के नामांतरण पूर्व में नगर पालिका विक्रय विलेख के आधार पर करती थी जो कि अभी समस्या को जटिल बना दिया है इस पर चर्चा होगी। न्यू इंदिरा नगर में जलकल के नाम पर नगर पालिका द्वारा 200 रूपए वसूले जा रहे हैं इस पर पोरवाल नगर पालिका अध्यक्ष एवं परिषद का ध्यान आकर्षित करेगी। शहर में एक समान जलकर वसूला जाए इस पर चर्चा होगी। पुरानी इंदिरा नगर में मात्र 50 रूपए लिए जाते हैं, शहर में भी 50 रूपए लिए जाते हैं, जबकि न्यू इंदिरा नगर में डेढ़ 100 रूपए वसूले जा रहे हैं। कई जगह 200 रूपए लिए जा रहे हैं, सभी के समान रूप से राशि निर्धारित की जाए।
पोरवाल ने बताया कि जबसे नगर पालिका परिषद गठन हुआ है 6 महीने बीत चुके हैं कई आवेदन लिखकर नगर पालिका अध्यक्ष एवं अधिकारी को दिए हैं लेकिन निगम में कर्मचारियों की वजह से एक भी काम आज दिनांक तक परिषद की बैठक में नहीं आया है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। बरसात के दिनों में घरों में पानी घुस जाता है, जिस नाले का इस्टीमेट बनाना है उस नाले का इस्टीमेट आज तक नहीं बना है, जिससे कि क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है।
पार्षद पोरवाल ने कहा कि सुंदर शहर बनाने के लिए हम बार-बार सभी क्षेत्रवासियों से आग्रह कर रहे हैं लेकिन जब तक जनसेवक की भर्ती नहीं होगी तब तक यह काम संभव नहीं है। नीमच शहर में लगभग डेढ़ सौ से 200 जनसेवक की भर्ती की जाना चाहिए, जिससे कि शहर सुंदर हो और पूरे मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान पर आ सके। प्रथम परिषद की बैठक में इंदिरा नगर विस्तार का सीसी रोड निर्माण का प्रस्ताव आया था उसके बाद अभी टेंडर निकलना बाकी है, कब निकलेंगे भगवान ही मालिक है। जब भी बात करो एक ही जवाब मिलता है फाइल उज्जैन गई है पीएस के लिए फिर निकालेंगे।
पोरवाल ने बताया कि सारे बगीचे वीरान पड़े हैं, कोई सुध लेने वाला नहीं है। कई बार इन को ठीक करने की कहा गया लेकिन किसी ने आज तक कोई ध्यान नहीं दिया। इंदिरा नगर का मांगलिक भवन जिसके आसपास के रहवासी काफी परेशान है। शादी ब्याह में बची हुई सब्जियों को बाहर डाल देते हैं जिससे कि वह बदबू मारती है और साँस लेना दुश्वार हो जाता है। पीछे प्लेटफार्म बना कर पानी की निकासी की जाए ताकि बर्तन मांजने से गंदगी ना पहले।
पोरवाल ने आगे कहा कि संपूर्ण नगर पालिका में इंजीनियर न होने की वजह से काम कराने में क्षेत्र के पार्षदों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका में विक्रय विलेख के आधार पर नामांतरण किया जाना चाहिए। मध्यप्रदेश गणना मंडल द्वारा आवंटित भवन के नामांकन आदेश को ही मानकर नगर पालिका में भी नामांतर कर देना चाहिए। मध्यप्रदेश में नीमच जिला ऐसा है जहां पर नगर पालिका परिषद में नामांतरण की दोहरी प्रक्रिया अपनाना पड़ रही है। नगर पालिका अध्यक्ष इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दे।