चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ सांसद एवं एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता में उदयपुर में एयरपोर्ट सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उदयपुर एयरपोर्ट के समग्र विकास, यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा नई उड़ानों की संभावनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, मावली विधायक पुष्करलाल डांगी सहित जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी एवं विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सांसद सीपी जोशी ने उदयपुर स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट को पश्चिम भारत का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन एवं विमानन केंद्र बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने उदयपुर को देश के विभिन्न शहरों से बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराने हेतु नई उड़ानों के प्रस्ताव तैयार करने तथा यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर जोर दिया।
उन्होंने टर्मिनल विस्तार, पार्किंग व्यवस्था, वाई-फाई, डिजिटल सूचना प्रणाली, चार्जिंग स्टेशन, मेडिकल सुविधाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता बताई। सार्वजनिक परिवहन एवं कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों से एयरपोर्ट तक इलेक्ट्रिक बस सेवा प्रारंभ करने तथा टैक्सी एवं ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से एयरपोर्ट परिसर को ष्ग्रीन एयरपोर्ट मॉडलष् के रूप में विकसित करने, सौर ऊर्जा के उपयोग, वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण तथा हरित पट्टी विकास को जनभागीदारी से जोड़ने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में एयरपोर्ट के आसपास स्थित गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों की स्थापना जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा एयरपोर्ट की भविष्य की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना बनाने तथा निकटवर्ती नहर के सुदृढ़ीकरण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
भविष्य की विकास योजनाओं के अंतर्गत अगले 10 वर्षों की यात्री क्षमता, रनवे विस्तार, कार्गाे हब तथा एयरोसिटी विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत रोडमैप तैयार करने का सुझाव दिया गया।
सांसद सीपी जोशी ने कहा कि उदयपुर एयरपोर्ट केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि ष्मेवाड़ की संस्कृति, शौर्य और विरासत का प्रवेश द्वारष् होना चाहिए। उन्होंने एयरपोर्ट परिसर में मेवाड़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने के लिए स्थायी ष्मेवाड़ हेरिटेज गैलरीष् स्थापित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने महाराणा प्रताप, राणा पूंजा एवं चेतक की प्रतिमाएं, मेवाड़ के ऐतिहासिक दुर्गों के त्रि-आयामी मॉडल, डिजिटल इतिहास दीर्घा, क्यूआर आधारित पर्यटन सूचना प्रणाली तथा आगमन एवं प्रस्थान क्षेत्रों को मेवाड़ी स्थापत्य शैली के अनुरूप विकसित करने का प्रस्ताव रखा।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने इन प्रस्तावों को उदयपुर एयरपोर्ट के दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए संबंधित एजेंसियों द्वारा शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।