नीमच। बंगला नंबर 60 स्थित पुरानी नगरपालिका में आयोजित नीमच नगरपालिका परिषद के तीसरे सम्मेलन में आज सभी 32 प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गए। पिछली दो बैठक की तुलना में इस बार पार्षदों ने शहर हित में रचनात्मक और सार्थक चर्चा की। कुछ प्रस्तावों पर जरूर सकारात्मक बहस हुई लेकिन बाकी सभी प्रस्ताव आम सहमति से पास हो गए।
बैठक लगभग डेढ़ घंटे चली। बैठक में लगभग 10 पार्षद मौजूद नहीं थे। नगर पालिका अध्यक्ष की सुरक्षा के लिए पिछली बार लगाई गई जाली इस बार नदारद थी। बैठक के प्रारंभ में राकेश किलोरिया और योगेश प्रजापत ने सीवरेज लाइन को लेकर इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण हो रहे घटिया निर्माण की ओर ध्यान आकर्षित किया और निगरानी रखने की बात कही। राकेश किलोरिया ने वार्ड नंबर 1 में कोई भी सफाई कर्मी ना होने की बात उठाई। योगेश प्रजापत ने राजनीतिक द्वेषता के चलते अपने वार्ड में नगरपालिका अध्यक्ष पर काम ना करवाने के आरोप लगाए। कुछ मुद्दों पर नगरपालिका अध्यक्ष ने एजेंडे से हटकर बात करने को लेकर सख्त नाराजगी व्यक्त की। अधिकांश पार्षदों की बैठक में यह शिकायत मुख्य रूप से ऊपरी की अधिकारियों द्वारा पार्षदों के फोन नहीं उठाए जाते, नगर पालिका में अधिकारी समय पर उपलब्ध नहीं होते और पार्षदों को उचित सम्मान नहीं मिलता।
बैठक में बंगला नंबर 60 की जमीन गर्ल्स कॉलेज को खेल मैदान हेतु आवंटित किए जाने के प्रस्ताव पर जमकर बहस हुई। राजेश लालवानी ने कहा कि बंगला नंबर 60 की जमीन आवासीय योजनाओं के लिए रिजर्व रखी जाए। गर्ल्स कॉलेज के खेल मैदान के लिए करोड़ों की जमीन की बली नहीं दी जा सकती। कांग्रेस के पार्षदों ने भी बंगला नंबर 60 की जमीन के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि नीलेश पाटीदार के बोलने पर भी कांग्रेसी पार्षदों ने तल्ख लहजे में आपत्ति व्यक्त की। इस प्रस्ताव पर मत विभाजन में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद और कांग्रेस के हरगोविंद दीवान तथा भारत अहीर ने समर्थन दिया। वहीं निर्दलीय राजेश लालवानी और कांग्रेसी पार्षद विरोध में खड़े रहे।
शहर की सबसे जटिल समस्या बंगला बगीचा एरिया के बारे में किसी प्रकार की कोई चर्चा किसी पार्षद के द्वारा सम्मेलन में नहीं हूई। बैठक में सीएमओ गरिमा पाटीदार, पार्षद प्रतिनिधि, नगर पालिका के अधिकारी, इंजीनियर और स्टाफ मौजूद रहे।