नीमच। शहर में संजीवनी नाले के यहां विद्या भारती की जमीन के समीप हो रहे नाला निर्माण में तकनीकी खामी की वजह से विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। यह विवाद नगर पालिका और भाजपा के संगठन विद्या भारती के बीच में इंजीनियर की गलती के कारण होना बताया जा रहा है। विवाद के पीछे मूल कारण संजीवनी नाले के समीप सरस्वती स्कूल विद्या भारती की जमीन के समीप नाले का निर्माण किया जा रहा है जो नाला नगर पालिका द्वारा बनाया जा रहा हैं।
नगर पालिका के इंजीनियर की देखरेख में नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। परंतु नाले का निर्माण सही नहीं होने के कारण सरस्वती स्कूल की विद्या भारती के समिति के सदस्यों द्वारा आपत्ति व्यक्त की जा रही है। विद्या भारती के पदाधिकारियों का कहना है की नाला सही नक्शे के अनुसार नहीं बन रहा है। विद्या भारती की भूमि प्रभावित हो रही है।
विद्या भारती के पदाधिकारी प्रहलाद राय गर्ग, निलेश पाटीदार, महेश गतले ने नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि संतोष चोपड़ा को मौके पर बुलाकर नाली निर्माण को बताते हुए आपत्ति व्यक्त की। जिसमें कहा कि यह नाली का निर्माण जो किया जा रहा है वह सही नहीं है। नाला बनने की वजह से कुछ जमीन सेवा भारती की रही है। मौके पर देखने पर जाहिर होता है कि नाली का निर्माण टेढ़ा मेढ़ा हो रहा है। नाला निर्माण में विद्युत पोल और हरे भरे पेड़ भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। हालांकि संतोष चोपड़ा ने मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति को समझ कर नियम और व्यवहारिक स्थिति को संतुलित करते हुए हल निकालने का प्रयास किया।वहीं सेवा भारती के सदस्यों का कहना है कि नाली निर्माण। देखना है कि नगर पालिका और विद्या भारती दोनों आर एस एस के अनुषांगिक संगठन है।ऐसे में शहर हित में दोनों मिलकर सामंजस्य और समन्वय से किस प्रकार हल निकालते है।
मीडिया से बातचीत में ठेकेदार सचिन शर्मा महादेव इंतरप्राइजेस ने कहा कि इंजीनियर ओपी परमार द्वारा जो निर्देश दिया गया, उसी अनुसार मैंने कार्य किया है।वही मौके पर पहुंचे नगर पालिका के इंजीनियर ओपी परमार कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके।उन्होंने कहा कि विद्युत पोल और पेड़ों की वजह से हमें नाली को मोड़ना पड़ी है। हाल-फिलहाल नाले के निर्माण का कार्य रोक दिया गया है। ठेकेदार का कहना है कि संतोषजनक हल निकलने के बाद काम पुनः चालू हो जाएगा।