नीमच। किसानों से विद्युत कनेक्शन के नाम से राशि हड़पने और विद्युत डीपी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को न्यायालय ने क्रमश 10 और 4 साल की सजा सुनाई है। दोनों प्रकरणों में फैसला अपर सत्र न्यायाधीश सोनल चौरसिया के न्यायालय ने सुनाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से एजीपी इमरान खान ने बताया कि मामला 2015 का है। ग्रामीण विद्युत सहकारी समिति मनासा से अस्थाई सिंचाई कनेक्शन दिलाने के नाम पर तत्कालीन कनिष्ठ यंत्री विनोद चौपड़ा ने किसानों की राशि हड़प ली थी, जिसकी शिकायत होने पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया था। इस पर न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता के तर्क से सहमत होते हुए आरोपी कनिष्ठ यंत्री को धारा 409 के तहत 10 वर्ष की कैद से दंडित किया।
इसी तरह मनासा तहसील के अंतर्गत ग्राम सोनड़ी में आरोपी तत्कालीन कनिष्ठ यंत्री विनोद चौपड़ा ने 1 लाख 29 हजार रूपए ग्रामीणों के हड़प लिए थे। धोखाधड़ी के इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 में प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया था, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई कर आरोप प्रमाणित होने पर कनिष्ठ यंत्री चौपड़ा को 04 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है।