खरगोन। मप्र योजना व नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री स्वतंत्र कुमार सिंह और एमपीएसपीपीसी के कन्हैय्या समाधियां, गौरव थापक तथा यूनिसेफ की अपूर्वा त्रिपाठी शुक्रवार को झिरन्या व भगवानपुरा जनपद पहुँचे। यहां उन्होंने मप्र शासन और भारत शासन की अधोसंरचना आधारित योजनाओं के क्रियावन्यन में आ रही समस्याओं को दूर करने के सम्बंध में संबंधित विभागों से वर्तमान स्थिति और समस्या निराकरण के सुझाव लिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 500 जनपद आकांक्षी जनपदों के तौर पर चुनी गई है। 7 जनवरी को दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक में मप्र के आकांक्षी मॉडल को यूनिक मानते हुए अपनाया है। इस मॉडल को और कैसे बेहतर कर योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि हालिया स्थिति में कैसे कार्य किया जा रहा है तथा उन समस्याओं को कैसे दूर किया जाए। इस पर अभी कार्य और किया जाएगा। बैठक के दौरान महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, एमपीईबी, बैंक, उद्यानिकी, पीएमजीएसवाय, एनआरएलएम आदि विभागों से कार्य करने के तरीके जाने। बैठक में जिला पंचायत सीईओ ज्योति शर्मा, जनपद सीईओ महेंद्र श्रीवास्तव, कृषि उपसंचालक एमएल चौहान उद्यानिकी उपसंचालक गहरवाल, जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य व खण्ड स्तरीय अधिकारी सहित कुछ ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।