नीमच। विपक्ष की आवाज़ और मीडिया में हो रही बयानबाजी के बीच आज नगर पालिका नीमच द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्राइवेट बस स्टैंड पर गुमटिया हटाने की कार्रवाई की गई। गरीब और कमजोर लोगों की गुमटियों पर जेसीबी चलाकर उन्हें नेस्तनाबूद किया गया। आज सुबह प्राइवेट बस स्टैंड पर लगी सेंकड़ों गुमटियों के बीच चंद गुमटियों को चिन्हित कर उन्हें निशाना बनाया गया। इसे लेकर जिन गुमटियों को नुकसान हुआ है उनके संचालकों में आक्रोश उत्पन्न हो गया।
गुमटी संचालकों का कहना था कि हम आर्थिक रूप से कमजोर है,हमें कोई राजनीतिक संरक्षण प्राप्त नहीं है और हमारा रसूख भी नहीं है। इसलिए हमें निशाना बनाया गया और हमारी गुमटियों पर जेसीबी चला दी गई।जबकि प्राइवेट बस स्टैंड और शहर में अनेक गुमटिया अवैध रूप से रखी हुई है।गुमटी माफिया और सत्ता में पहुंच रखने वाले लोग अवैध वसूली कर रहे हैं। बड़े लोगों की कृपा दृष्टि के कारण उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई करने से नगर पालिका, जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी बच रहे हैं।
नेतृत्व के स्थान पर बैठे हुए लोग भेदभाव और और पक्षपात पूर्ण रवैया अपना रहे हैं,उनका प्रशासन और व्यवहार न्याय संगत नहीं है।यहां कहना जरूरी होगा कि शहर को सुंदर बनाने के नाम पर कुछ लोगों पर कार्रवाई करके नगर पालिका के नुमाइंदे क्या हासिल करना चाहते है? क्या कार्रवाई से पहले इनकी रोजी रोटी के लिए उचित स्थान का चयन कर इन्हें स्थापित नहीं किया जाना चाहिए? किसी भी कार्रवाई में समान व्यवहार नहीं होना चाहिए।
केवल दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने का ढोल पीटना नेतृत्व में बैठे लोगों की कथनी और करनी में साफ अंतर दर्शाता है। शहर सुंदर बने, शहर से अतिक्रमण हटे, और शहर का विकास हो, यह सब चाहते हैं लेकिन नियत का साफ होना जरूरी है। गुमटी हटाने की जो कार्रवाई की जाती है, वह कितनी न्यायोचित होती है इसका खुद जिम्मेदार लोग आत्म विश्लेषण करें।