चित्तौड़गढ़। भगवान महावीर स्वामी के 2622 वीं जन्म जन्म जयंती महोत्सव पर सचिव राजकुमार जैन बताया की भगवान महावीर के संदेश प्राणी मात्र के कल्याण के लिए जियो और जीने दो अहिंसा परमो धर्म के सिद्धांत पर आधारित हैं। भगवान महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वे अंतिम तीर्थंकर थे जैन दर्शन समुचे विश्व के लिए कल्याणकारी और जीवन जीने की एक कला के रूप में मानी जाती है। आज इस अवसर पर किराना व्यापार संगठन ने भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों पर चलने का प्रण लिया और जयंती पर निकले जुलूस पर स्वागत द्वार लगाकर गुलाब के पुष्पों की वर्षा कर धर्म अनुरागी बंधुओं का स्वागत किया। किराना व्यापार संगठन के अध्यक्ष ओमप्रकाश लड्ढा ने बताया की स्वागत करने में किराना व्यापार संगठन के छोटू सिंह शेखावत, सतीश अजमेरा, गोविंद काबरा, महावीर जैन, चंद्रेश नंदावत, अरविंद मुरोठिया, विजय मालू , लक्ष्मी लाल लड्ढा, मेघराज व्यास, ओम प्रकाश खटोड़, मुकेश पटवारी, पूर्व अध्यक्ष विनोद गदिया, नरेंद्र पटवारी, अनिल पटवा, नरेश बंसल, आशीष कोठारी, प्रदीप कोठारी, सुशील न्याति, महावीर सेठिया, सुनील सेठिया, शांतिलाल मंडोवरा, राजेंद्र राठी आदि अनेक किराना व्यापार संगठन के सदस्य उपस्थित थे सभी उपस्थित सदस्यों का आभार जताकर धन्यवाद ज्ञापित किया।