जावरा। गांव बरगढ़ निवासी मध्यप्रदेश पतंजलि संस्कृत संस्थान के उपाध्यक्ष भरतदास बैरागी को सरकार ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है। इस संबंध में आदेश भी जारी हो चुके हैं, यह समाचार मिलने पर जावरा में इष्ट मित्र व परिजन उनका स्वागत करने पहुंच रहे हैं।
बैरागी को अभी राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक जावरा में ये पहला अवसर है, जब किसी गैर निर्वाचित नेता को सरकार ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया हो। भरत बैरागी RSS के स्वयंसेवक होने के साथ ही संस्कृत भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री का कार्य देख रहे हैं। उनके कार्य अनुभव व संगठन सेवा के आधार पर उन्हें पतंजलि संस्कृत संस्थान मध्य प्रदेश का उपाध्यक्ष बनाया था। करीब साल भर से उन्हें राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त था।
अब प्रदेश में कुल 4 लोगों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है, उसमें भरत बैरागी भी शामिल हैं। इसके अलावा मप्र घुमक्कड़ अर्धघुमक्कड जाति अभिकरण के बाबुलाल बंजारा, भवन संनिर्माण कर्मकार मंडल के हेमंत तिवारी, शहरी ग्रामीण असंगठित कर्मकार मंडल के सूल्तान सिंह शेखावत को भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है।
जावरा की राजनीति में भरत बैरागी को विधायक का उम्मीदवार बनाए जाने के भी कयास लगाए जा रहे हैं। जब से वह राज्य मंत्री दर्जा हुए थे, तभी से जावरा क्षेत्र में उनकी सक्रियता देखी जा रही है। ऐसे में राजनीतिक जानकार आकलन कर रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार को लेकर खींचतान हुई तो भरत बैरागी को भी विधानसभा का टिकट मिल सकता है।
सरकार के उच्चस्तरीय नेताओं के समूह को कैबिनेट कहते हैं। उन्हें 'मंत्री' (मिनिस्टर) कहा जाता है, लेकिन कहीं-कहीं उन्हें 'सेक्रेटरी' भी कहा जाता है। कैबिनेट, इंग्लैंड की शासन व्यवस्था से विकसित शासन-व्यवस्था का प्रमुख और महत्वपूर्ण अंग है।