उज्जैन। आवेदक मुकेश धन्नाणी निवासी अवंतिपुरा कौशिक परिसर उज्जैन द्वारा दिनांक 05.04.2023 को नरेंद्र उर्फ संजय सूर्यवंशी निवासी निजातपुरा उज्जैन के साथ लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में उपस्थित होकर शिकायत की कि संजय सूर्यवंशी मेरा मित्र है, जिसे मैं करीब 8-10 साल से जानता हूं संजय सूर्यवंशी के विरुद्ध वर्ष 2019 में सट्टा चलाने के एवज में थाना चिमनगंज मंडी पुलिस थाने में केस दर्ज हुआ था जो भी कोर्ट में चल रहा है। संजय के छोटे भाई चेतन को थाना चिमनगंज मंडी पुलिस थाने ले गई थी, जिसे छुड़ाने के लिए वह एक-दो दिन पहले थाना चिमनगंज मंडी गया था। जहां उसे आरक्षक रवि कुशवाह मिला और उससे कहा कि तुम्हारे मित्र संजय सूर्यवंशी से 100000 की व्यवस्था कराओ नहीं तो उसे किसी भी केस में फंसवा देगा। आवेदक का मित्र वर्ष 2019 के बाद से ही सट्टे का कार्य नहीं कर रहा था वर्तमान में जूते चप्पल बेचने व गाड़ी चलाने का कार्य कर रहा हैं।
आरक्षक रवि कुशवाह द्वारा उसके मित्र संजय सूर्यवंशी से 100000 की रिश्वत की मांग की गई, पुलिस केस के डर से उसका मित्र संजय सूर्यवंशी शिकायत करने में असमर्थ होने के कारण आवेदक मुकेश धन्नाणी द्वारा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायत पर से आवेदक मुकेश की बात अनावेदक आरक्षक रवि कुशवाह से करवाई गई, बातचीत पर से अनावेदक रवि कुशवाह द्वारा आवेदक मुकेश से उसके मित्र संजय सूर्यवंशी के केस के संबंध में 70000 की मांग की जाना प्रमाणित पाई गई तथा दिनांक 06.04.2023 को आरोपी रवि कुशवाह, आवेदक मुकेश से 25000 की रिश्वत लेते हुए थाना चिमनगंज मंडी पर रंगे हाथ पकड़ा गया किंतु आरोपी रवि कुशवाह द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को रिश्वत की राशि देने से राशि जप्त नहीं की जा सकी! आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशो 2018 की धारा 7 एवं 13(1)इ, 13(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना जारी है।