कसरावद। नर्मदा किनारे के ग्राम बड़गांव तक अलग-अलग तीन विभागों के अधीन 4 किमी सड़क की हालत खराब है। पिछले 2 माह से लोक निर्माण विभाग ने 2 किमी की सड़क उखाड़ दी हैं लेकिन इसका निर्माण करना भूल गए हैं। नई सड़क को लेकर मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। कसरावद व बड़गांव के राहगीरों के साथ मूक पशुओं को भी इस मार्ग से गुजरने में पीड़ा हो रही है। किसान बैलगाड़ी लेकर गुजरते हैं तो बैलों के पैरों में यहां डाली गई मिट्टी के टुकड़े चुभते हैं। बाइक सवार सहित पैदल राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं। एक महिला का बाइक फिसलने से हाथ फैक्चर हुआ है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोक निर्माण का कहना है कि टैंडर जारी हो चुका है। काम शुरू करने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए हैं। खनिज विभाग व तहसीलदार ने मुरुम खुदाई की अनुमति दे दी है लेकिन पंचायत अनुमति नहीं दे रही है।
जबकि बड़गांव सरपंच कृष्णा भूरिया का कहना है कि मुरूम खुदाई के लिए संबंधित ठेकेदार को अनुमति दे दी है। सवाल यह उठता है कि लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार इस काम पर पर्दा क्यों डाल रहे हैं। ठेकेदार को नोटिस देकर काम शुरू कराने की बात भी कही जा रही हैं और पंचायत के सिर पर ठीकरा भी फोड़ा जा रहा है कि एनओसी नहीं मिल रही है। इधर काम शुरू नहीं होने से परेशान ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। समस्या पहले से अधिक बढ़ जाएगी। एक सप्ताह में काम शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।