नीमच। शासकीय चिकित्सालय जिसे कुछ लोग धरम अस्पताल भी कहते है। जहां गरीब जनता का मुफ्त में इलाज होना चाहिए, वहां भी रिश्वतखोरी की बाते आम हो गई है। नीमच जिला चिकित्सालय हमेशा सुर्खियों में बना रहता है और वो भी बेहतर इलाज नहीं बल्कि आए दिन हो रहे विवाद के चलते।
ऐसा ही एक मामला नीमच के जिला चिकित्सालय में सामने आया है जिसकी वजह से आज फिर यह अस्पताल सुर्खियों में आ गया। जीरन के अंतिम जैन ने आरोप लगाया कि उनकी 22 वर्षीय बेटी खुशी जैन का ब्रैस्ट की गठान का ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर ए के मिश्रा ने 8000 रूपए लिए। अंतिम जैन ने बताया कि ऑपरेशन से ठीक पहले ओटीपी में डॉक्टर मिश्रा और उनके असिस्टेंट ने हमें बुलाकर 11000 रूपए की डिमांड की। हमने जब उनसे 5000 रूपए देने की बात कही तो वे नहीं माने और 8000 रूपए देने के बाद मेरी बच्ची का ऑपरेशन किया गया।
पीड़िता की माँ सीमा जैन का कहना था कि हम गरीब परिवार से हैं, रुपए देने की हमारी हैसियत नहीं है। इसीलिए जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए लाए थे, लेकिन हमें यहां भी पैसा देना पड़ा। खुशी जैन को 23 तारीख को जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। 24 तारीख को दिन में 12 बजे करीब ऑपरेशन हुआ। आज उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाना है। अंतिम जैन ने कहा कि ऐसे कई मामले जिला चिकित्सालय में देखे जा सकते हैं।
अंतिम जैन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने नजदीकी तरुण बाहेती को दी। तरुण बाहेती ने जिला अस्पताल पहुंचकर बताया कि मेरे द्वारा बार-बार जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया जाता रहा है किंतु कोई ध्यान नहीं दे रहा। इस मामले की लिखित शिकायत एडीएम नेहा मीणा को भी की गई है। एडीएम नेहा मीणा ने इस मामले की जांच की बात कही है। हमारी टीम ने डॉक्टर मिश्रा से बात करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। यदि इस मामले में भ्रष्टाचार की सच्चाई सामने आती है तो यह बहुत ही गंभीर और शर्मनाक विषय है। गरीब और बेसहारा लोगों के मुफ्त इलाज के सरकारी वादे और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावे यहां एकदम खोखले सिद्ध हो रहे हैं।