नीमच। दिव्यांगों को सहायता की नहीं आत्म संबल की आवश्यकता होती है।सरकार की योजनाओं के माध्यम से समय-समय पर दिव्यांगों को विभिन्न सहायता का लाभ मिलता है। लेकिन इन दिव्यांगों को अच्छे व्यवहार और अपनेपन की आवश्यकता होती है। जो समाज के लोग इन्हें प्रेम सद्भाव व्यवहार के रूप में दे सकते हैं। दिव्यांगों को प्रेम सद्भाव देना ही सच्ची पीड़ित मानवता की सेवा होती है। पीड़ित माता की सेवा ही सच्ची राष्ट्र की सेवा होती है।
यह बात रेड क्रॉस सहायक प्रशासक डिप्टी कलेक्टर किरण आंजना ने कही। वे रेडक्रास सभा भवन में इंटरनेशनल सिंधी समाज संगठन की महिलाओं द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख बधिर बच्चों को संबोधित करते हुए बोल रही थी। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में यह कूलर बच्चों के लिए अमृत संजीवनी के रूप में साबित होगा। डिप्टी कलेक्टर आंजना ने कहां कि पीड़ित मानवता की सेवा से राष्ट्र विकास होता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रियता के साथ जोड़कर अपनी सहभागिता निभाएं और इसी प्रकार सेवा प्रकल्प आयोजित करती रहे तो वह दिन दूर नहीं जब समाज के दिव्यांग वर्ग को भी सभी सुविधाएं सुलभ हो सकती हैं । वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर अपना जीवन यापन सादगी और सरलता के साथ खुशहाल जीवन जी सकते हैं। इस अवसर पर मुक बधिर दिव्यांग बच्चों को भीषण गर्मी से राहत के लिए एक कूलर भेंट किया गया।
इस अवसर पर सभी उपस्थित समाज जनों ने दिव्यांग बच्चों से उनके कुशलता जानी। इस अवसर पर इंटरनेशनल सिंधी समाज संगठन की अध्यक्ष दिव्या लालवानी, उपाध्यक्ष वर्षा लालवानी ,सचिव कोमल भाग्य वाणी, कोषाध्यक्ष पलक लालवानी, उपाध्यक्ष वर्षा लालवानी, मीडिया प्रभारी करीना भाग्यवानी, एक्टिव पर्सन जिया रामचंदानी, एडवोकेट मीनू लालवानी ,पूनम टेकचंदानी, काजल धामेचा, समन्वयक भूरालाल अहीर, वार्डन खुमान कुंवर भारद्वाज एवं रेडक्रास के सभी सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।