झाबुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश मोहम्मद सैय्यदुत अबरार जी के निर्देशानुसार एवं माननीय जिला न्यायाधीश सुभाष सुनहरे एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतम सिंह मरकाम की अध्यक्षता में एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट बलराम मीणा तथा जिला विधिक सहायता अधिकारी सागर अग्रवाल विश्वास शाह असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल की उपस्थिति में 27 मई, 2023 को जिला जेल झाबुआ में निरूद्ध पुरुष बंदियों एवं महिला बंदियों के लिए विधिक साक्षरता शिविर एवं जेल निरीक्षण का आयोजन किया गया।
शिविर में उपस्थित बंदियों से उनकी परेशानियों व विधिक समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी। उनको उनके अधिकारो एवं विधिक प्रावधानों से अवगत कराया गया, जिसका उनके द्वारा लाभ लिया जा सके शिविर में बंदियों से उनके स्वास्थ्य एवं खानपान के बारे में जानकारी ली। शिविर में जिला न्यायाधीश सुभाष सुनहरे द्वारा बदियों को उनके खाली समय में पढ़ाई लिखाई पर ध्यान देने एवं अपना किमती समय रचनात्मक कियाओं में व्यतीत करने की सलाह दी। उन्होंने विचाराधीन बंदियों को समझाते हुये बताया कि जेल एक सुधारात्मक गृह के रूप में काम करता है। हमे अपराध से घृणा करनी चाहिए न की अपराधियों से।
शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतम सिंह मरकाम ने जेल में निरूद्ध बंदियों को विधिक जानकारी देते हुये बताया कि यदि किसी बंदी के पास अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ द्वारा अपने मुकदमे की पैरवी के लिए निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा प्रदान की जाती है। जेल में लीगल एड क्लीनिक की स्थापना की गई है। जिससे किसी बंदी को कोई समस्या हो तो वह जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।
शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट बलराम मीणा द्वारा बंदीयों को निःशुल्क विधिक सहायता, नालसा की नशा पीडित योजनाएं प्लीबार्गेनिंग, कोरोना वायरस से बचाव आदि विभिन्न कानूनी जानकारी के बारे में बंदियों को बताया। असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विश्वास शाह द्वारा विगत तीन माह में लीगल एड डिफेंस सिस्टम में हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में बंदियों को अवगत कराया। शिविर में महिला बैरक में महिलाओं को उनके मुकदमे की पैरवी के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाने हेतु पूछा गया। सभी महिला बंदियों द्वारा बताया कि उनके मुकदमे की पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित है। शिविर में महिलाओं से खानपान आदि के बारे में पूछा गया सभी के द्वारा अनुकूल उत्तर दिया गया। वर्तमान में जिला जेल में 14 महिलाऐं निरूद्ध है।
न्यायाधीशगणों ने बैरको में पहुंचकर बंदियों से रूबरू होते हुए उनके जेल में होने का कारण, जेल में होने की अवधि, उनके स्वास्थ्य, भोजन, पेयजल, साफ-सफाई आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उक्त शिविर का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी सागर अग्रवाल द्वारा किया गया जिसमें जेल अधीक्षक दुष्यंत पगारे, उप अधीक्षक राजेश विश्वकर्मा एवं अन्य स्टॉफ उपस्थित रहा।
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