धार। प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण लाडली बहना योजना के तहत आए आवेदनों पर प्राप्त दावे-आपत्तियों का निराकरण पूरा हो चुका है। अब पात्र हितग्राही महिलाओं को स्वीकृति पत्र दिए जाएंगे, ताकि महिलाओं को इस बात की जानकारी रहे कि आवेदन देने के बाद स्वीकृति मिलने पर ही खाते में राशि आना शुरू होगी।
सरकार ने 10 जून से बहनों के खाते में रुपए डालने की घोषणा की है। ऐसे में योजना के तहत अंतिम चरणों में बहनों को स्वीकृति के पत्र वितरित किए जाएंगे। इसकी विधिवत शुरुआत 1 जून से शहर में होगी, जिले में करीब 3 लाख 81 हजार महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा।
दरअसल, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार लाडली बहना योजना लेकर आई, जिसमें 25 मार्च से 30 अप्रैल तक महिलाओं ने योजना के लिए फॉर्म भरे थे। इस दौरान सेंटरों पर बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थीं। शुरुआती दिनों में ऑनलाइन फॉर्म जमा करने में कई प्रकार की दिक्कत भी आई थी। जिसके बाद शासन ने योजना के तहत आए फॉर्म को लेकर दावे आपत्ति 1 मई से 15 मई तक ली गई थी।
जिले से प्राप्त 5 हजार 510 दावे-आपत्तियों के निराकरण के लिए कमेटी का गठन किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में कमेटी में जनपद पंचायत सीईओ, तहसीलदार व परियोजना अधिकारी व नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका सीएमओ, तहसीलदार व परियोजना अधिकारियों ने दावे-आपत्तियों का निराकरण किया। दावे-आपत्तियों में सबसे ज्यादा फोटो की समस्या, आधार कार्ड, समग्र आईडी का मैच नहीं होना आया था। इन समस्या का समाधान कमेटी के सदस्यों द्वारा कर दिया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सुभाष जैन ने बताया कि फार्म जमा होने के बाद दावे-आपत्ति का समय निर्धारित किया गया था, जिसमें 5 हजार से अधिक आपत्तियां आई थीं, जिनका निराकरण कमेटी के माध्यम से किया गया। अब 1 जून से स्वीकृति की सूचना पात्र हितग्राहियों को दी जाएगी। जिसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व क्षेञ के जनप्रतिनिधि डोर-टू-डोर देने के लिए जाएंगे।