नीमच। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनिल नागोरी का कल एक वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद आज फिर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में भी सत्ता का अच्छा खासा असर दिख रहा है। जहां कल नागोरी ने जिस धमकी भरे लहजे में महिला कर्मचारी को कहा था कि तेरी रिपोर्ट भी कोई नहीं लिखेगा। नागोरी की ये बात भी सच हो गई। आखिर में माफ़ी की नौटंकी के बाद ये बात यहीं ख़त्म हो गई।
भाजपा नेता अनिल नागोरी और टोल के कर्मचारियों के साथ पिपलिया मंडी थाने पर आवेदन देने वाली युवती नीलम मालवीय आज शनिवार को थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव के कक्ष में बैठे थे। इस समय भाजपा नेता अनिल नागोरी और महिला के बीच हुई बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में नागोरी, आवेदन देने वाली युवती को अपनी बेटी जैसा बता रहे हैं। लेकिन इस वीडियो की ख़ास बात टीआई यादव का रवैया है। टीआई द्वारा आवेदिका पर एक तरह से दबाव बनाते हुए सुनाई दे रहे हैं। टीआई यादव कह रहे हैं कि बात को खींचने से क्या मतलब, नागोरी माफ़ी मांगने आए है तो बात को यहीं ख़त्म करो। मुद्दे की बात पकड़ो इनका बोलने का लहजा ख़राब था, तभी हमने इन्हे यहां बुलाया है। बात को यही ख़त्म करो।
कल हुए वायरल वीडियो के बाद जब यह बात सब ओर हवा की तरह फैली और मीडिया ने भी जब इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया तो कहीं न कहीं अनिल नागोरी और भाजपा की इमेज ख़राब हुई। उसके बाद तो सभी जानते है कि सत्ता के दबाव में क्या क्या हो सकता है। लेकिन बात ख़त्म करो, कहने के बाद क्या वाकई में बात ख़त्म हो जाती है। बात तो शुरू होती है कि क्या आप सत्ता और पैसों के रोब के चलते पहले किसी को भी जी भरकर अश्लील गालियां दे दो फिर मैनेज करके दबाव बनाकर और माफ़ी की नौटंकी करके बात को ख़त्म कर दो। एक थाना प्रभारी का काम होता है सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाना न कि बात को रफा दफा करवा देना। जब टीआई खुद सिर्फ माफ़ी के बुते पर केस को खत्म कर दें तो फिर सरेआम उस महिला और टोल कर्मचारियों को दी गई गालियों का क्या होगा।
वहीं इस पुरे मुद्दे को लेकर पीसीसी सदस्य और मल्हारगढ़ के कांग्रेस नेता प्रवीण मांगरिया ने कहा कि भाजपा नेता अनिल नागौरी द्वारा टोल पर महिला कर्मचारी के साथ जो व्यवहार किया है उसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। यह सब इस भ्रष्ट निकम्मी, सरकार का सत्ता का नशा बोल रहा है। जो अब चंद दिनों की मेहमान है। अफसोस इस बात का है कि सरकार के पुलिस विभाग के कर्मचारी भी आवेदिका को डरा धमका कर समझौता करने पर मजबूर कर रहे हैं। पिपलिया मंडी थाना प्रभारी से अनुरोध है कि इस प्रकार का कृत्य संविधान के विरुद्ध आता है हम इसका घोर विरोध सड़क पर करेंगे।