नीमच। शहर में चंहु ओर विकास कार्य के नाम पर भूमिपूजन कर भले ही भाजपाई अपनी वाह वाही बटोरने में लगे हैं। लेकिन धरातल पर विकास के नाम पर आमजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर शहर की पुलियाओं की बात करें तो शहर के सबसे व्यस्ततम रोड महू-नसीराबाद पर स्थित ग्वालटोली के पास की पुलिया है जो अब तक अधूरी पड़ी है। इस पुलिया का करीब 8 माह से निर्माण कार्य चल रहा है बावजूद अब तक महज 40 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है। जबकि दिसंबर 2022 तक इस पुलिया का कार्य पूरा होना था।
4 माह से बंद पड़ा है निर्माण कार्य-
पुल निर्माण में हो रही देरी का कारण विकास निगम और ठेकेदार कंपनी के बीच आपसी खींचतान बताया जा रहा है। इसी वजह से करीब 4 माह से उक्त पुलिया का निर्माण कार्य भी बंद पड़ा है। अधूरी पुलिया की वजह से यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व राहगीरों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ब्रिटिश कालीन पुलिया को तोड़कर बनाना था-
राजस्थान से नीमच शहर में प्रवेश करने के प्रमुख मार्ह महू-नसीराबाद नेशनल हाईवे क्रं. 79 पर ग्वालटोली के समीप स्थित यह पुलिया ब्रिटिश कालीन थी। इस पुलिया को तोड़कर नया रूप दिया जा रहा है। करीब 8 माह पूर्व 5 मई को निर्माण कार्य शुरु हुआ था। करीब ढाई से 3 करोड़ की लागत से बनने वाली इस पुलिया का ठेका जेआरए इंफ्रास्ट्रचर को दिया गया है। पुलिया की लंबाई 50 मीटर तथा चौड़ाई 12 मीटर रहेगी और कंपनी को पुलिया निर्माण कार्य करने के लिए दिसम्बर माह तक का समय दिया गया था।
संबंधित ठेकेदार को सेतू विभाग की दो टूक-
पुलिया का लंबे समय से बंद पड़ा काम शुरू नहीं की दशा में सेतु विकास निगम ने ठेकेदार को नोटिस दिया था। साथ ही चेतावनी भी दी थी कि अगर पुलिया का निर्माण कार्य जल्द शुरु नहीं किया जाता है, तो संबंधित ठेकेदार व कंपनी को ब्लेक लिस्टेड किया जाएगा। इसके बाद ठेकेदार कंपनी जेआरए इंफ़ास्ट्रक्चर ने फिर से पुलिया का काम शुरू कर दिया था। लेकिन वर्तमान में महज 40 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है।