इंदौर | चैंबर बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से 4 साल के मासूम की मौत हो गई। यह महज एक हादसा नहीं है। बारिश के बीच पूरा शहर छलनी है। नगर निगम ने 500 से ज्यादा जगह ड्रेनेज, पानी, स्टॉर्म वाटर लाइन के लिए सड़कें, गलियां खोद रखी हैं। कई जगह खुदाई किए 2 माह से ज्यादा हो चुके, लेकिन अब तक न तो गड्ढे भरे गए और न ही काम पूरा हो सका है।
राजवी बाजार में 5 साल में तीन बार सड़क खोद दी गई। महू नाका में कांक्रीट की सड़क की स्थिति अच्छी थी, उसे भी खोदकर रख दिया। सुखलिया क्षेत्र में दो महीने पहले अचानक निगम का अमला पहुंचा और सड़क की खुदाई करना शुरू कर दिया। रहवासियों ने पूछा तो बताया कि नई ड्रेनेज लाइन डाली जा रही है। अब स्थिति यह है कि दो फीट चौड़ाई तक सड़क को खोद दिया गया।
खजराना चौराहा - फ्लायओवर निर्माण के कारण रोबोट चौराहे से खजराना चौराहे की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर ग्रीन बेल्ट की मिट्टी कीचड़ का रूप ले चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं।
बंगाली चौराहा - बंगाली चौराहे से खजराना की ओर सर्विस रोड पर नर्मदा लाइन के लिए 4 फीट हिस्से को तोड़ा जा रहा है। सड़क से निकलने वाले ट्रैफिक को खासी परेशानी होगी।
घंटाघर चौराहा - लेफ्ट टर्न और सिग्नल पोल के पास ही गड्ढा है। एक हिस्सा पूरी तरह खुला हुआ है। गड्ढे की वजह से लेफ्ट टर्न से एमजी रोड की ओर मुढ़ने वाले वाहन चालक परेशान हो रहे हैं।
अहिल्या चौक - राजबाड़ा के ठीक सामने आड़ा बाजार की ओर जाने वाली सड़क पर पिछले दिनों नर्मदा लाइन जोड़ने के लिए खुदाई की गई। गड्ढे को मिट्टी डालकर ढंक दिया गया।
मल्हारगंज - मल्हारगंज से जिंसी चौराहे की ओर जाने वाली सड़क के मुहाने पर ही चैंबर धंसने की वजह से गड्ढा हो गया है। दुकानदार मोहम्मद शाहिद ने बताया रात में अंधेरा रहने से गड्ढा दिखता नहीं।
छीपा बाखल - सड़क पर नर्मदा लाइन डालने का काम करीब 15 दिन से जारी है। वहीं लाइन डालने के बाद से अब तक सुधार कार्य भी नहीं किया गया है।
सीधी बात - अभिषेक शर्मा, एमआईसी सदस्य, जलकार्य, ड्रेनेज
Q. चाहे जहां सड़कें खोदी जा रही। पानी, ड्रेनेज लाइन की प्री प्लानिंग क्यों नहीं करते? A. यह स्थिति कई जगह बन रही है। अब इस पर रोक लगाएंगे। Q. ड्रेनेज व पानी लाइन के कितने काम चल रहे हैं? A. हर वार्ड में 3 से 4 जगह काम चल रहे हैं। यानी 200 से ज्यादा जगह काम चल रहे हैं। Q. मरम्मत या सुधार काम हाथोहाथ क्यों नहीं किया जा रहा है? A. लाइन डालने के बाद फ्लो टेस्ट व हाइड्रो टेस्ट करना पड़ता है। पूरे वार्ड का काम होने के बाद ही यह कर सकते हैं। Q. लोग परेशान हो रहे हैं। उनके क्षेत्र की सड़कों को बारिश में खोद दिया गया? A. जहां समस्याएं आ रही हैं, उसे दुरुस्त करवाएंगे।
Q. केबल डालने के लिए चौराहे, सड़कें खोद रहे हैं। कब तक चलेगा यह सब? A. काम जल्द पूरा करवा लेंगे। टैफिक सिग्नल के लिए लाइनें डालने के लिए खुदाई की है। Q. बारिश के दौरान ऐसे काम करने की क्या जरूरत थी? A. बारिश में स्टॉर्म व ड्रेनेज का काम नहीं किया जा सकता। सड़क का काम किया जा सकता है। Q. एक साथ इतनी सड़कों को लाइनें डालने के लिए क्यों खोदा जा रहा? A. मैं यह मुद्दा कई बार उठा चुका हूं कि बिना प्लानिंग के काम करवा रहे हैं। पार्षदों को कहा है कि पहले ड्रेनेज व पानी की लाइनों का काम करवा लें। फिर सड़क बनवाएं।