चित्तौड़गढ़। ब्रम्हाकुमारी प्रताप नगर सेवा केंद्र पर मातेश्वरी जगदंबा जी का स्मृति दिवस मनाया गया। सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया कि मातेश्वरी जी का जीवन त्याग तपस्या और योगी जीवन व्यतीत करते हुए उन्होंने अपने जीवन से अनेक आत्माओं को गुणवान बनाया।
उन्होंने बताया कि वे सर्व शक्तियों से संपन्न थी संसार की एक महान अद्वितीय विभूति थी जिनके जीवन का अनुकरण अनेक ब्रम्हाकुमारी बहनों ने अपने जीवन को ईश्वरी सेवा में समर्पित किया था। उन्होंने बताया कि उनके जैसा जीवन बनाने को अनेक आत्माएं प्रेरित हुई इस मार्ग पर चलने के लिए मम्मा को देख कर के कई आत्माओं ने त्याग तपस्या और धारणा को जीवन में अपनाया दीदी ने बताया कि मातेश्वरी जी बाल्यकाल से ही छोटी उम्र से ही ब्रह्मा बाबा के साथ यज्ञ में आई थी और उनका परमात्मा पिता में अटूट विश्वास था वे संपूर्ण निश्चय बुद्धि थी। इस मार्ग पर चलते हुए उन्हें कभी संशय नहीं आया और वे इस यज्ञ में ओम राधे के नाम से प्रख्यात हुई। इसके पश्चात सारे यज्ञ की कारोबार संभालने के लिए यज्ञ बच्चों की पालना के लिए परमात्मा ने उन्हें मातेश्वरी जगदंबा का मम्मा का टाइटल दिया। अल्फा होने के बाद भी छोटे हो या बड़े हो सबकी हो एक मां की तरह पालना करती थी सभी को मम्मा की उपाधि से सम्मानित करते थे उनका अटूट ईश्वरी प्रेम बहुत गहरा था। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त 2:00 बजे उठकर परमात्मा को याद करती थी और ज्ञान की गहराई में जाकर ज्ञान को समझ कर उसका मर्म सभी ब्राह्मणों को बताती थी वह सदा संतुष्ट तृप्त और बहुत गंभीर रहती थी। गुप्त सेवा धारी के साथ-साथ ईश्वरी आज्ञाकारी वफादार होकर सदा एक बार दूसरा न कोई इसका पालन सदा करती रही और सभी को छोटा हो या बड़ा हो पूरा स्नेहा और रिगार्ड देती।
उन्होंने बताया कि अपने अमृत वचनों से और वरदानी बोलते अनेक आत्माओं के जीवन को दुर्गुणों से मुक्त कराया और किसी यादगार में मां जगदंबा सरस्वती का गायन मां दुर्गा के रूप में होता है। भविष्य में श्री लक्ष्मी Boss धन की देवी कहलाई और वर्तमान में जगदंबा सरस्वती जो ज्ञान को समस्त जीवन में धारण कर अनेक आत्माओं को ईश्वरीय मार्ग पर चलना सिखाया। इसके पश्चात सभी ने पुष्प अर्पित किए। क्लास में उपस्थित बैंक से रिटायर बीके बालकिशन भाई वरिष्ठ वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी सुभाष पुरोहित रेलवे गार्ड मनोज भाई गुप्ता लक्ष्मण भाई गीताबेन अनिता बहन रितु बहन मंजू बहन बेला बहन इन सभी ने पुष्प अर्पित करते हुए मातेश्वरी जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए । अपने जीवन को इनके जैसा गुणवान बनाने के लिए संकल्प लिए के पश्चात मातेश्वरी जी को भोग लगाकर सभी को प्रसाद बांटा गया