खरगोन। कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा के निर्देशन में निराश्रित, निर्धन और गरीब वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए जिले में निशुल्क कोचिंग क्लासेस प्रारम्भ की जाएगी। ऐसे जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य को रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर वर्मा ने सभाकक्ष में पदभार ग्रहण करने के बाद सोमवार को पहली बार जिला बाल संरक्षण समिति बैठक ली। इस दौरान महिला बाल विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत जानकारी में बताया गया कि जनसहभागिता से प्राप्त राशि के माध्यम से 44 निराश्रित बच्चों को प्रतिमाह 2-2 हजार रुपये प्रदान किये जाते हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट वेलफेयर फंड के माध्यम से 50 बच्चों को 2-2 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग किया जा रहा है। इस डेटा के आधार पर कलेक्टर वर्मा ने कहा कि ऐसे बच्चों की वर्तमान स्थिति क्या है और अब वे क्या कर रहे है ? हो सकता है कुछ बच्चों को अतिरिक्त शिक्षा की आवश्यकता हो तो हम जनसहभागिता और शासकीय तौर पर प्राप्त फंड से सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं। इसके लिए उन्होंने विभाग को अगली बैठक में सोशल इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तब तक जिले के प्रतिभाशाली और निराश्रित, निर्धन व गरीब वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग प्रदान करने की रूपरेखा जनजातीय कार्य विभाग द्वारा बनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर जेएस बघेल, संयुक्त कलेक्टर शिराली जैन, एसडीएम ओएन सिंह, मिलिंद ढोके, अनिल जैन, महिला बाल विकास विभाग की रत्ना शर्मा, सांसद प्रतिनिधि कल्याण अग्रवाल, सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष सुधा मोयदे ,जनसाहस संस्था की प्रतिनिधि मोनू निम्बालकर, जेजेबी के सदस्य बंसत सोनी, यूनिसेफ के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर अमित शिंदे, खनिज अधिकारी सावन चौहान व अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।
व्हाटसअप ग्रुप बनाकर मदद भी करेंगे और निगरानी भी-
कलेक्टर वर्मा ने विभाग द्वारा प्रस्तुत जानकारी से असंतुष्ठ होकर नए तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपने साथ घटित हुए वाकिये सुनाकर बताया कि आपसी समन्वय और मिल-जुलकर कार्य करने से सहयोगी बन सकते हं। जरूरतमंदों तक यह सूचना हो कि ऐसी एक समिति है तो उसके माध्यम से समस्या का निराकरण किया जा सकता है। इसलिए व्हाट्सअप्प ग्रुप बनाये जिसमें सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों के अलावा ब्लॉक स्तरीय टीम के सदस्य और सामाजिक संस्थाओं के सदस्य रहे। कभी समय देना, बात करने, एक मुलाकात या व्हाटसअप के माध्यम से भी समस्याएं सुलझ सकती है। कलेक्टर वर्मा ने विभाग को सभी गतिविधियों में परिणाम देने के निर्देश दिए हैं।
परिवहन अधिकारी 10 कुपोषित बच्चों को गोद लेगी-
बैठक के दौरान क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बरखा गौड़ ने 10 कुपोषित बच्चों को गोद लेने की अपनी मंशा जाहिर की। कलेक्टर वर्मा ने सभी से आव्हान किया कि इस नेक काम में सहयोग के लिए किसी भी तरह से मदद कर सकते हैं।