पोलायकला। नए शिक्षा सत्र के पहले दिन ही हड़लायकला और खाटसुर के स्कूलों में शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। हड़लायकला में डिस्मेंटल भवन के हाल में प्रवेश उत्सव मनाया गया, जबकि खाटसुर में टीन शेड के नीचे कार्यक्रम आयोजित किया गया वही पर हड़लायकला प्राथमिक विद्यालय में 22 में से 15 बच्चे उपस्थित रहे। वहीं शुभपुरा हड़लायकला में 16 में से केवल 8 बच्चे स्कूल पहुंचे। खाटसुर विद्यालय में नर्सरी से कक्षा 10वीं तक 150 विद्यार्थी दर्ज हैं, लेकिन पहले दिन सिर्फ 15 बच्चे उपस्थित रहे।
खाटसुर में वर्ष 2004 में बने चार कमरों की छत पहली ही बारिश में जगह-जगह से टपकने लगी, जिससे भवन की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने स्कूलों की जर्जर हालत सुधारने और नए भवन निर्माण की मांग की है। वही पर जब इस संबंध में विद्यालय प्राचार्य निशा राठौर, से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त छत की जानकारी पूर्व में ही वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जा चुकी है।ष् साथ ही हड़लाय कला प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कुंता बामनिया से संपर्क किया गया तो उनका कहना है कि भवन की हालत से वरिष्ठ कार्यलय को अवगत करा दिया गया है।
इन विद्यालय के संबंध में जनशिक्षक विष्णु राय से सपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि भवन की स्थिति से शासन स्तर पर अवगत करा दिया गया है, निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सोचने वाली बात यहां है कि क्या शिक्षा विभाग इस और ध्यान देकर बच्चों के लिए नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति शासन स्तर पर भेजेगा जिससे उक्त समस्या का समाधान हो सकेगा।