बड़वानी। नशीले पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य, प्रतिष्ठा और सम्पत्ति सभी के लिए हानिकारक है। युवावस्था में दोस्तों का बहुत प्रभाव पड़ता है। बुरी आदतों वाले दोस्त नशे की तरफ बढ़ाते हैं। इसलिए हमें अपने लिए मित्रों का चयन सावधानीपूर्वक करना चाहिए। हमें सही राह पर ले जाने वाला व्यक्ति ही हमारा सच्चा मित्र होता है। ऐसे मित्र का चयन करें जो हमें हमारी कमियां बतायें और हमें बतायें कि हमारे लिए कौनसा मार्ग सही है। फिल्मी कलाकारों से प्रभावित होकर कई युवा नशा करने लगते हैं। उन्हें अपना हीरो न बनायें। आदर्श व्यक्तियों का चयन करें और उनके द्वारा बताये गये मार्ग का अनुसरण करें। मनुष्य जीवन बहुत ही कीमती एवं दुर्लभ है। इसे नशे में नष्ट न करें। ये बातें शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यशाला में व्याख्यान देते हुए विषय विशेषज्ञ वनस्पति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. वीणा सत्य ने कहीं।
नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर यह आयोजन प्राचार्य डॉ. दिनेश वर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. के.एस.बघेल ने अपने संदेश में कहा कि युवा पीढ़ी नशा न करने का दृढ़ संकल्प करे और समाज में इसके विरुद्ध जागरूकता फैलाये। कार्यक्रम का समन्वय कार्यकर्तागण प्रीति गुलवानिया और वर्षा मुजाल्दे ने किया। मनुष्य कर सकता है उच्चतम प्रगति डॉ. सत्य ने कहा कि हमें स्वयं पर नियंत्रण रखना चाहिए। शिक्षा की वास्तविक पहचान यह है कि हम सही और गलत की पहचान करके सही मार्ग पर चलने का निर्णय ले सकें। पृथ्वी पर मनुष्य ही एकमात्र ऐसा प्राणी है जो अपने विचारों और कार्यों से उन्नति के उच्च शिखर तक पहुंच सकता है। हमें ऐसा कार्य करना चाहिए, जिससे हमारे माता-पिता, गुरुजन आदि हम पर गर्व कर सकें और हम जिस संस्था से अध्ययन कर रहे हैं उसका नाम रोशन कर सकें।
विद्यार्थियों ने ली शपथ-
डॉ. वीणा सत्य ने इस अवसर पर डेढ़ सौ से अधिक विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने, नागरिकों को नशे के सेवन के विरुद्ध जागरूक करने तथा नशा मुक्त विश्व के निर्माण में सहयोग देने की शपथ दिलाई। संचालन वर्षा मुजाल्दे ने किया। आभार सुरेश कनेश ने किया। सहयोग स्वाति यादव, दिव्या पाटिल, हिमांशी वर्मा, उमेश किराड़, भियारी गुर्जर, पूनम कुशवाह, कन्हैयालाल फूलमाली, सलोनी रघुवंशी, अंकित काग, राहुल भंडोले, कोमल सोनगड़े, नंदिनी मालवीया, नमन मालवीया, वर्षा मालवीया, मोनिका अवासे एवं डॉ. मधुसूदन चौबे ने दिया।