नीमच। तपस्या करने से मन और आत्मा दोनों पवित्र होते हैं। रोग मिटते हैं। कष्ट दूर होते हैं। पाप कर्मों का क्षय होता है। तपस्या से पुण्यकर्म बढ़ते हैं तथा पाप कर्म घटते हैं।तपस्या आत्म कल्याण का उत्तम साधन है।यह बात जैन दिवाकरीय श्रमण संघीय, पूज्य प्रवर्तक, आगम मनस्वी साहित्य भूषण कविरत्न श्री विजयमुनिजी म. सा. ने कही। वे श्री वर्धमान जैन स्थानकवासी श्रावक संघ के तत्वावधान में गांधी वाटिका के सामने जैन दिवाकर भवन में आयोजित चातुर्मास धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि धर्मागम में उल्लेखित धर्म तत्व के उपदेश ऋषि मुनि की तपस्या और अनुभव का सार हैं।धर्मागम के ज्ञान को सुनने से आत्मा में आनंद की अनुभूति होती है। कल्याण के ज्ञान का मार्ग मिलता है। सकारात्मक सोच का विचार कर तपस्या की ओर आगे बढ़ना चाहिए।तपस्या का कर्म किसी भी उम्र में करें तो वह भविष्य में साथ देता है।संथारा ऋषि-मुनियों के अनुभव का सार तत्व है नियम है आत्महत्या नहीं है। बीमारी और मौत का पता नहीं चलता है कब आ जाए इसलिए सदैव धर्म तपस्या पुण्य परमार्थ का पुरुषार्थ करते रहना चाहिए
। नवकार मंत्र का उच्चारण करते रहना चाहिए तभी जीवन का कल्याण हो सकता है। मृत्यु तीर्थंकर को भी नहीं छोड़ती है तो हम तो साधारण मनुष्य हैं।मनुष्य यदि जीवन में हौसला बुलंद रखें और आशा और विश्वास करे तो जीवन सफल हो सकता है।साध्वी डॉ विजय सुमन श्री जी महाराज साहब ने कहा कि धर्म नारियल के समान है होता है ऊपर से कड़क और अंदर से नरम होता है। रेणु सुराणा ने तप है अभिनंदन बारंबार शुभ अवसर यह आया ... गीत प्रस्तुत किया।चतुर्विद संघ की उपस्थिति में चतुर्मास काल तपस्या साधना निरंतर प्रवाहित हो रही है। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक तपस्या पूर्ण होने पर सभी ने सामूहिक अनुमोदना की।
धर्म सभा में उपप्रवर्तक श्री चन्द्रेशमुनिजी म. सा.एवं साध्वी विजय श्री जी म. सा. का सानिध्य मिला।इस अवसर पर श्री अभिजीतमुनिजी म. सा., श्री अरिहंतमुनिजी म. सा., ठाणा 4 व अरिहंत आराधिका तपस्विनी श्री विजया श्रीजी म. सा. आदि ठाणा का सानिध्य मिला। चातुर्मासिक मंगल धर्मसभा में सैकड़ों समाज जनों ने बड़ी संख्या में उत्साह के साथ भाग लिया।
इस अवसर पर श्री वर्धमान स्थानकवासी श्रावक संघ अध्यक्ष अजीत कुमार बम्म, चातुर्मास समिति संयोजक बलवंत सिंह मेहता, सागरमल सहलोत, मनोहर शम्भु बम्म, सुनील लाला बम्ब, निर्मल पितलिया, सुरेंद्र बम्म, वर्धमान स्थानकवासी नवयुवक मंडल अध्यक्ष संजय डांगी ,दिवाकर महिला मंडल अध्यक्ष रानी राणा ,साधना बहू मंडल अध्यक्ष चंदनबाला परमार आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे। इंदौर रतलाम, जावद जीरन, मांडल ,जमुनिया, चित्तौड़गढ़, छोटी सादड़ी निंबाहेड़ा जावरा नारायणगढ़, उदयपुर आदि क्षेत्र से समाज जन सहभागी बने और संत दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। धर्म सभा का संचालन प्रवक्ता भंवरलाल देशलहरा ने किया।
तपस्वी का तपस्या संकल्प से किया सम्मान-
कमल कुमार लासोड की पुत्रवधू व अमित लासोड की धर्मपत्नी श्रीमती स्वाति लसोड के 11 उपवास की तपस्या का बहुमन श्रीमती किरण नागौरी मांडलगढ़ ने 21 उपवास की तपस्या करने की बोली लेकर संकल्प से किया। दोपहर 2 बजे चौबीसी का आयोजन किया गया।