भिंड। शहर में सीवर प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में कराया गया कार्य बहुत ही घटिया तरीके से कराया गया। नतीजा आए दिन सीवर लाइन चोक हो रही हैं। जब इसकी शिकायत वार्डवासी नपा अधिकारियों से करते हैं तो वह समस्या को दिखवाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।पहले चरण में शहर के जिन इलाकों में सीवर लाइन डाली गई है, वहां चालू होने के बाद से ही यह चोक होना शुरू हो गई है। आज इधर तो कल उधर समस्या उपजने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
बता दें कि अमृत योजना के तहत शहर में 84 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण में आधे हिस्से में सीवर लाइन बिछाई गई है। पहले शहरवासी सड़कों के खुदे होने से हैरान रहे और अब जब सीवर लाइन चालू हुई है तो इसके चोक होने की समस्या उपज रही है। ऐसी स्थिति इसके शुरू होने तत्काल बाद से बनने लगी थी। हालात यह है कि शहर के मुख्य इलाकों में ही लाइन चोक हो रही है।
सीवर लाइन चोक होने के बाद चेंबर खोले जाने से आवागमन भी बाधित होता है। इस बारे में जब नपा के अधिकारियों से की जाती है तो उनका जवाब होता है कि दस साल तक सीवर लाइन चलाने की जिम्मेदारी निर्माण कराने वाली कंपनी है। लेकिन दस साल बाद कंपनी की गारंटी खत्म हो जाएगी तब इसका क्या हाल होगा इस सवाल वह मौन हो जाते हैं।