चित्तौडगढ़। हजारेश्वर काजवे पर ऊंचाई बढाकर पुलिया निर्माण के कार्य में कतिपय व्यक्तियों को लाभान्वित करने, पुलिया की दिशा बदलने और मुआवजा को लेकर विवाद के चलते निर्माण कार्य रुकने पर चिंता प्रकट कर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर मनमानी का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर निर्माण में आ रही बाधाएं दूर करके जल्द पुलिया निर्माण कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया।
विधायक चंद्रभानसिंह आक्या ने शहर के सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास को लेकर शहर के हजारेश्वर महादेव मन्दिर के आगे से कीरखेड़ा को जोड़ने के लिए अधूरी पड़ी पुलिया का निरीक्षण किया।
विधायक आक्या ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों एवं क्षेत्रवासियों से चर्चा की। उन्होने क्षेत्रवासियों को जल्द राहत मिले इस हेतु कार्य को पुनः आरम्भ करने बाबत नगर विकास न्यास के अधिकारीयो को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए।
उल्लेखनीय है कि हजारेश्वर काजवे की ऊंचाई बढ़ाकर पुलिया बनाने का कार्य लगभग एक वर्ष पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रारंभ किया गया था। इस पुलिया निर्माण पर यूआईटी द्वारा लगभग 8 करोड़ की राशी स्वीकृत की गई हैं।
विधायक आक्या ने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की नियत से पुलिया के नक्शे में छेड़छाड़ कर पुलिया की दिशा बदल दी गईं जिसकी वजह से मुआवजे का विवाद उत्पन्न हो गया और पुलिया का कार्य बंद हो गया।
जनता के पैसों से भू माफियाओं को लाभ पहुंचाने की कांग्रेस की प्रवृत्ति को लेकर विधायक आक्या ने नाराजगी जाहिर की और मौके पर यूआईटी अधिकारियों एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में पुलिया निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने पर चर्चा की।
विधायक आक्या ने कहा कि अगर पुलिया की दिशा नही बदली गई होती और पूराने काजवे पर ही नई सबमर्सिबल पुलिया बनाई जाती तो पैसे और समय दोनो की बचत होती और अब तक पुलिया का निर्माण पूर्ण हो चुका होता।
इस अवसर पर हजारेश्वर महादेव के महंत चन्द्र भारती, पूर्व यूआईटी चेयरमैन सुरेश झंवर, पूर्व सभापति सुशील शर्मा, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र झंवर, पार्षद अनिल ईनाणी, पूर्व पार्षद भोलाराम प्रजापत, योगेश सोनी सहित क्षेत्रवासी व नगर विकास न्यास के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।