रतलाम। मंगलवार को कलेक्टोरेट कार्यालय में जनसुनवाई की गई। जनसुनवाई में 58 आवेदन प्राप्त हुए जिन्हें निराकरण के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर आरएस मण्डलोई, सीइओ जिला पंचायत अमन वैष्णव भी जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान खातीपुरा रतलाम निवासी धापुबाई ने बताया कि माननीय न्यायालय द्वारा 28 मार्च 22 को आदेश पारित करते हुए शांतिलालतथा कैलाशी पति शांतिलाल को 20 रुपए राशि हर माह की 10 तारीख को अदा करने सम्बन्धी आदेश पारित किया गया था परन्तु प्रतिप्रार्थी द्वारा अप्रैल 22 से नवम्बर 2023 तक 30 हजार रुपए जमा कराए गए हैं जबकि अभी 10 हजार रुपए जमा कराना शेष है। अतः उक्त 10 हजार रुपए की राशि वसली हेतु उचित कार्यवाही की जाए। आवेदन एसडीएम शहर को निराकरण के लिए भेजा गया है।
हतनारा निवासी मेनाबाई ने आवेदन देते हुए बताया कि प्रार्थी की भूमि पर गांव के ही व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत रुप से जबरन कब्जा कर लिया गया है। कब्जा हटाने की बात करने पर वह लडाई झगडे पर उतारू हो जाता है। कृपया जबरन किए गए कब्जे से मुक्ति दिलवाई जाए। आवेदन तहसीलदार पिपलौदा को निराकरण के लिए प्रेषित किया गया है। दिलीप नगर निवासी हरीश राठौड ने जनसुनवाई के दौरान बताया कि प्रार्थी द्वारा विगत आठ माह पूर्व पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लि. कार्यालय पर नए कनेक्शन ले ने आवेदन दिया गया था परन्तु कार्यवाही नहीं की गई है। कम्पनी का कहना है कि एक घर में दो मीटर नहीं दिए जा सकते हैं। कृपया नया विद्युत मीटर लगाने में मदद की जाए। आवेदन निराकरण के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लि. को भेजा गया है। इसी क्षेत्र के रहने वाले दनलाल राठौड ने आवेदन देते हुए बताया कि सालाखेडी से करमदी वाले मार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं होने से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वाहन चालक भी तेज गति से वाहन दौडाते हैं जिससे जनहानि की आशंका बनी रहती है। कृपया स्पीड ब्रेकर बनाया जाए। आवेदन नगर निगम को निराकरण के लिए भेजा गया है।
भोई मोहल्ला के निवासियों द्वारा आवेदन देते हुए बताया गया कि वार्ड के रहवासियों द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना में नाम आने के बाद भी अभी तक किसी को आवास हेतु सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई है जिससे प्रार्थीगण टूटे-फूटे मकान में रहने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पडता है। आवेदन निराकरण के लिए नगर निगम को भेजा गया है। बरखेडी निवासी नागेश्वर जोशी ने बताया कि कतिपय लोगों द्वारा शिव मंदिर की कुईया को बन्द करते हुए सरकारी जमीन पर मकान बना लिया गया है। उक्त मकान से लगता हुआ सरकारी स्कूल भी है जिससे स्कूल की खिडकियां व दरवाजे बंद हो गए हैं। जांच की जाकर अतिक्रमण किए गए भाग को हटाया जाए। आवेदन निराकरण के लिए एसडीएम जावरा को भेजा गया है।