नीमच। प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश मध्यान भोजन सांझा चूल्हा रसोईया संघ के तत्वावधान में शुक्रवार दोपहर शाम 4 बजे महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर कार्यालय में सौंपा।
हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में बताया कि 2018 की तरह अग्रीम राशि देने की दिनांक निश्चित करने की मांग की गई। एक शाला एक परिसर प्रथा को पूर्णता समाप्त कर योजना से लाभ नहीं हो रहा है और बहनों का रोजगार छिन जा रहा है। केंद्र सरकार की जानकारी अनुसार स्वयं सहायता समूह को 100 प्रतिशत के मान से राशि प्राप्त की जाना चाहिए जिसमें 60 प्रतिशत केंद्र व 40 प्रतिशत राज्य सरकार राशि प्राप्त करती है लेकिन विगत वर्षों से सिर्फ 60 प्रतिशत ही आवंटित कर जा रही है। जिस कारण मेनु अनुसार भोजन देने में कर्जदार बनना पड़ रहा है स्व सहायता समूह को हमारी मांग है कि 100 प्रतिशत के मान से राशि खाद्य आमंत्रित कराई जाने की मांग की गई। आधुनिक युग में महंगाई के कारण प्रति विद्यार्थी भोजन पकाने की दर 5.45 पैसे की जगह 10 रूपए बढ़ाए जाने चाहिए। खाद्यान्न 100 ग्राम की मात्रा से बढ़कर 200 ग्राम करने, इसी प्रकार माध्यमिक शाला में प्रति विद्यार्थी भोजन दर 8.17 पैसे की जगह 15 रूपए बढ़ाने एवं खाद्यान्न 150 ग्राम से बड़ा कर 300 ग्राम करने की मांग की गई। वर्तमान में जो पोस मशीन से फिंगर में स्व सहायता समूह को खाद्यान्न प्राप्त होता है जिसमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कभी फिंगर ना लगा, कभी पोस मशीन बंद हो जाती है, कभी सर्वर डाउन हो जाता है। इसके कारण बार-बार दुकान में जाना पड़ रहा है। साथ ही आवंटन जारी होने के समय बाद भी समय से नहीं पहुंचता है। जिसमें 60 प्रतिशत स्व सहायता समूह का खाद्यान्न लेप्स होने की समस्या भी उत्पन्न हो रही है।
संगठन ने मांग की है कि पूर्व की तरह पत्र के द्वारा खाद्यान्न प्राप्त होता था वह योजना लागू की जाए। महिला बाल विकास के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र एवं शालाओं में संचालित स्वयं सहायता समूह एवं रसोई या बहनों को खाद्यान्न राशि तीन-चार माह तक प्राप्त नहीं होती है इसी कारण भोजन संचालन बाधित होता है। 2018 के अनुरूप माह के प्रथम सप्ताह में आवंटन प्रदेश सुनिश्चित करने की मांग की गई।आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत रसोईया बहनों का 500 रूपए का मानदेय स्व सहायता समूह की राशि में से कटौती कर प्रदान की जाती है। संगठन की मांग है कि रसोईया बहनों को राशि अलग से प्रदान की जाए ना कि स्वयं सहायता समूह की राशि में से वर्तमान में 500 दिए जाते हैं उसे बढ़ाकर 2000 रूपए करने की मांग की गई। आंगनबाड़ी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि अगस्त 2023 में जिसमें वचन दिया था कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बहनों की राशि 500 से बढ़कर 1000 रूपए किए जाएंगे, लेकिन अभी तक ऐसा हुआ नहीं है। संगठन की मांग की पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का मान रखते हैं उनके वचन का पालन करने के लिए 500 से बढ़कर 1000 रूपए करने की मांग की गई। उपरोक्त मांगों को जल्द से जल्द गंभीरता से पूरी करने की मांग की गई।
प्रांतीय महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ मध्य प्रदेश मध्यान भोजन सांझा चूल्हा रसोईया की एक आवश्यक बैठक शुक्रवार दोपहर 3 बजे जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित हनुमान मंदिर में नीमच जिला इकाई की अध्यक्ष माया मनोहर दास बैरागी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से सभी महिलाओं ने निर्णय लिया कि प्रांतीय महिला एवं स्व सहायता समूह संघ भोपाल के निर्णय अनुसार सभी महिला समूह एवं रसोईया संघ का समर्थन किया। मध्यान भोजन प्रधानमंत्री पूरक पोषण आहार एवं आंगनबाड़ी सांझा चूल्हा परियोजना पर रसोईया संघ की कृषि एवं रसोइयों के मानदेय 3 माह से मध्यान भोजन आंगनवाड़ी की राशि समय पर नहीं मिलने से सहायता समूह में रसोईया महिलाओं में आक्रोश व्याप्त है।
महिलाओं ने बताया कि यदि 4 फरवरी को रसोइयों के खाते में राशि नहीं डाली तो सभी रसोईयां महिलाएं 5 फरवरी को अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चली जाएगी और रसोइयों पर ताला लटक जाएगा। हडताल के दौरान बच्चों को भोजन नहीं मिलने की जिम्मेदारी शासन की रहेगी।
ज्ञापन सोंपते समय जिला सचिव पिंकी शर्मा, गुड्डी बाई, रतन बाई, मंजू बाई, पुष्पा, इंदिरा बाई, मैना ओझा, मुकेश सुरावत, यशोदा बाई, रतनी बाई माली, आशा देवी, धापू बाई, सहित जिले की अनेक महिलाएं स्व सहायता समूह के रसोईयां बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। महिला बाल विकास प्रभारी ताराचंद मेहरा से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन बैठक में उन्हें कारण से संपर्क नहीं हो पाया।
इनका कहना है।
जून माह के बाद नवीन पद स्थापना नई शाखा प्रभार के कार्यभार को समझने में समय लगा निरंतर भुगतान किया जा रहा है। जुलाई माह में सॉफ्टवेयर में खराबी आने के कारण भुगतान दुगना हो गया था जिसका समायोजन जो राशि दी थी वह सितंबर-अक्टूबर माह में स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। नवंबर की स्वीकृति हो गई है। दिसंबर की प्रोसेडिंग चालू है। कुछ शहरी क्षेत्र के भुगतान स्वीकृत हो गए कुछ ग्रामीण क्षेत्र के अनुमोदन चल रहे हैं।
-नितेश तिवारी सहायक क्लर्क महिला बाल विकास।
भोजन बना या नहीं इसकी रिपोर्ट प्रेषित की जाती है मुख्यालय भोपाल से भुगतान राशि खाते में डालना या नहीं डालना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। नवंबर की राशि 1 सप्ताह पहले स्वीकृत की गई है दिसंबर माह की प्रोसेडिंग तैयारी खाता अपडेट कर दिया गया है राशि भोपाल से डाल जाएगी।
-विनोद इक्का मध्यान भोजन प्रभारी जिला पंचायत।