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July 5, 2026, 1:30 pm
KHABAR : इंस्टाग्राम पर तंत्र-मंत्र के नाम पर वन्यजीवों के अवशेषों की अवैध बिक्री का खुलासा, 6 महीने में ₹3-4 करोड़ का लेनदेन, पढे़ खबर

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उज्जैन। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर संरक्षित वन्यजीवों के अवशेष बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। दांत, बाल और अन्य वन्यजीव आर्टिफैक्ट बेचकर लोगों को आर्थिक लाभ और तांत्रिक सिद्धि का झांसा दिया जा रहा था। मामले में पिछले छह महीनों में करीब 3 से 4 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है।

जिला वन अधिकारी अनुराग तिवारी ने बताया कि वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), भोपाल से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग ने जांच शुरू की थी। यह मामला एक महिला द्वारा संचालित इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़ा है, जहां वन्यजीवों के अवशेषों की बिक्री की जा रही थी।

जांच के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्राहक बनकर (डिकॉय ऑपरेशन) संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया। इंस्टाग्राम पोस्ट में बार-बार उज्जैन का नाम इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे शुरुआत में संदेह शहर से जुड़े नेटवर्क पर गया, लेकिन जांच में उज्जैन से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया।

बैंक खातों की केवाईसी जांच में महिला का पता दिल्ली का पाया गया है। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी और दस्तावेज WCCB, भोपाल को भेज दिए गए हैं, जहां से अब आगे की जांच दिल्ली में की जाएगी।

डीएफओ के अनुसार, जांच में सामने आया कि महिला छोटे-छोटे ट्रांजैक्शनों के जरिए बड़ी रकम जुटा रही थी। यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था, जिसकी गहन जांच जारी है।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि लोगों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा था कि वन्यजीव अवशेष रखने या उपयोग करने से आर्थिक समृद्धि, तांत्रिक सिद्धियां और समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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