चित्तौड़गढ़। वंडर सीमेंट लिमिटेड परिसर में शुक्रवार को आचार्य 108 पुष्पदन्त सागरजी महाराज के परम शिष्य आचार्य पुलकसागरजी महाराज का ससंघ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर वंडर सीमेंट के वाईस चेयरमैन श्रीयुत विमल पाटनी, तारिका पाटनी सहित पाटनी परिवार तथा आर.के. मार्बल के निर्मल दोषी, वंडर सीमेंट के निदेशक परमानन्द पाटीदार एवं यूनिट हेड नितिन जैन सहित अधिकारियों ने विधिवत स्वागत किया और मुनि के पद प्रक्षालन कर धर्म के प्रति अपनी निष्ठा जताई।
अपने मंगल प्रवचन में आचार्यश्री ने गुरु भक्ति, सेवा, त्याग, विनम्रता और समाज के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए कहा कि “मैं वंडर सीमेंट में आर.के. परिवार की सादगी, अपनापन और संतों के प्रति श्रद्धा देखकर अत्यंत अभिभूत हूँ।“ उन्होंने अशोक पाटनी के व्यक्तित्व की सराहना’ करते हुए कहा कि वैभव के साथ त्याग और समाजहित का ऐसा समन्वय अत्यंत प्रेरणादायी है। वंडर समूह के कार्यों कि प्रशंसा करते हुए आगे मुनि श्री ने कहा कि सीमेंट जोड़े ईंट को, धर्म जोड़े जीव को, झुका जो शीश गुरु चरण, उसने जीता जग को,सोच बना वंडर जैसी, व्यक्तित्व हो दमदार, ऐसा जी कर जाओ कि जमाना करे जय-जयकार। पाटनी समूह के सामाजिक धार्मिक सरोकार पर मुनि श्री बोले कि नवधा भक्ति के साथ साथ धर्म सेवा मे अग्रणी रहने के साथ ही अपने चरित्र मज़बूती के जरिये आप सभी कि मेहनत से प्रोडक्शन भी मज़बूत हुआ है। अल्प समय मे ही आज पुरे विश्व मे वंडर सीमेंट का नाम हुआ है।
प्रवचन एवं आहारचर्या के पश्चात आचार्यश्री ने आर.के. नगर से चित्तौड़गढ़ के लिए विहार किया। इस दौरान पाटनी परिवार, वंडर सीमेंट परिवार तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पदयात्रा के साथ आचार्य एवं संघ की श्रद्धापूर्वक उनकी अगवानी एवं विदाई की।