माउंट आबू। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय रिफॉर्म उत्सव एवं चिंतन शिविर केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। शिविर में भारत सरकार के विधि सचिव सहित देशभर के विधि विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और न्यायिक एवं विधिक सुधारों पर व्यापक मंथन किया।
शिविर की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह रही कि अब देश में संविधान या कानूनों में किए जाने वाले संशोधनों को ष्माउंट आबू घोषणा संशोधन-2026ष् के नाम से जाना जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विधिक सुधारों को एक नई पहचान देना और माउंट आबू को राष्ट्रीय स्तर पर विधिक सुधारों के केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
कार्यक्रम में बताया गया कि आजादी के बाद से अब तक भारतीय संविधान में 106 संशोधन किए जा चुके हैं। दो दिवसीय चिंतन शिविर में पिछले वर्षों में किए गए विधिक सुधारों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी वर्षों में आवश्यक कानूनी एवं संवैधानिक सुधारों की दिशा पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बदलते समय और देश की आवश्यकताओं के अनुरूप कानूनों को अधिक प्रभावी, सरल और जनहितकारी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। चिंतन शिविर में न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस घोषणा के साथ माउंट आबू का नाम देश में होने वाले भावी विधिक एवं संवैधानिक सुधारों से जुड़ जाएगा, जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।