ग्वालियर। मानसून के दौरान रेत के अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। 30 सितंबर तक जिले की सभी रेत खदानों में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बारिश के मौसम में किसी भी कीमत पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जेसीबी से बंद किए जा रहे खदानों के रास्ते
कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर खनिज विभाग, राजस्व अमला और स्थानीय प्रशासन संयुक्त कार्रवाई कर रहे हैं। रेत माफिया की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए खदानों तक पहुंचने वाले रास्तों को जेसीबी मशीनों से काटकर बंद कराया जा रहा है, ताकि किसी भी वाहन की आवाजाही संभव न हो।
अभियान की शुरुआत भितरवार क्षेत्र से की गई है। यहां ग्राम बसई और ग्राम लुहारी स्थित रेत खदानों तक जाने वाले मार्ग पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही जिले की सभी रेत खदानों के पहुंच मार्ग इसी तरह बंद किए जाएंगे।
ठेकेदारों को दिए सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी अनुबंधित ठेकेदारों को शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रेत निकासी के लिए बनाई गई अस्थायी पुलिया, कच्चे रास्ते तथा सड़क निर्माण के लिए डाली गई मिट्टी, मुरम और अन्य सामग्री तत्काल हटाने को कहा गया है, ताकि बारिश के दौरान नदियों का प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित न हो।
ई-टीपी पर भी पूरी तरह रोक
प्रतिबंध अवधि में ई-खनिज पोर्टल से ई-टीपी (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास) जारी करने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसका मतलब है कि इस अवधि में रेत का वैध परिवहन भी नहीं किया जा सकेगा।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर रुचिका चौहान ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति, ठेकेदार या माफिया प्रतिबंध के बावजूद रेत का अवैध उत्खनन या परिवहन करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस, सभी एसडीएम, तहसीलदार, खनिज निगम और सहायक खनिज अधिकारियों को संयुक्त रूप से निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को रेत माफिया के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध अवधि में लगातार निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।