शाजापुर। गौरक्षा सेना शाजापुर ने सेवा और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक ही दिन में शहर के पांच अलग-अलग स्थानों पर घायल एवं बीमार गोवंशों का उपचार कर कई मूक प्राणियों को नया जीवन दिया। संस्था के सदस्यों ने सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर सभी गोवंशों का इलाज किया और उन्हें सुरक्षित किया।
पहली घटना विजय नगर स्थित सांदीपनि ज्ञानपीठ स्कूल के सामने की है, जहां आवारा कुत्तों के हमले में घायल हुए एक गोवंश का उपचार किया गया।
दूसरी घटना टावर के सामने काशी विश्वनाथ मंदिर के पास की रही, जहां फिसलने से घायल होकर खड़े नहीं हो पा रहे एक नंदी को गौरक्षा सेना के सदस्यों ने रस्सियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार किया और कड़ी मशक्कत के बाद उसे दोबारा खड़ा कराया।
तीसरी घटना आदित्य नगर की है, जहां दो दिनों से बीमार अवस्था में पड़ी एक गाय का उपचार किया गया। वहीं चौथी घटना लालघाटी स्थित होंडा शोरूम के पास हुई, जहां लंबे समय से बैठे एक घायल नंदी का इलाज कर उसे फिर से खड़ा करने में सफलता मिली।
पांचवीं घटना निमवाड़ी स्थित भैरू महाराज मंदिर के सामने की है, जहां शरीर से खून बह रही एक गाय का मौके पर पहुंचकर उपचार किया गया और उसकी जान बचाई गई।
गौरक्षा सेना ने बताया कि संस्था के सदस्य वर्षभर 24 घंटे गोवंश एवं अन्य मूक प्राणियों की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। संस्था ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई गोवंश घायल, बीमार या संकट में दिखाई दे तो तत्काल सूचना दें, ताकि समय रहते उसका उपचार कर उसकी जान बचाई जा सके।