भोपाल। एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे सांसद नकुलनाथ के ठश्रच् में शामिल होने की अटकलों के बीच कांग्रेस एकजुटता दिखाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को बैठक बुलाई है। सभी विधायक और वरिष्ठ नेता इस बैठक में मौजूद रहेंगे। उधर, दिल्ली में कमलनाथ के बंगले पर कल से लगा हुआ जय श्री राम का झंडा आज दोपहर में हटा दिया गया।
दिल्ली में कमलनाथ के बंगले पर बैठक चल रही है, जिसमें मप्र के कुछ विधायक, पूर्व विधायक और नेता शामिल हैं। दिल्ली में कमलनाथ के करीबी व पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- कमलनाथ जी ने कभी नहीं कहा कि इधर जा रहा हूं या उधर जा रहा हूं। कमलनाथ जी आप लोगों से बात करेंगे।
प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह को जिम्मेदारी
एमपी कांग्रेस में टूट की खबरों को लेकर प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। जितेंद्र सिंह कल मंगलवार को राजधानी भोपाल आएंगे। जहां वे विधायकों से वन टु वन चर्चा करेंगे। भंवर सिंह मंगलवार सुबह 10.30 बजे विधायकों की बैठक लेंगे। बताया जा रहा है कि विधायकों को लोकसभा चुनाव और भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर चर्चा करने का बोलकर बुलाया गया है। कांग्रेस सांसद राजमणि पटेल ने कहा- ’कमलनाथ लंबे समय से देश में नफरत फैलाने की सोच के खिलाफ लड़ रहे हैं। यह उम्मीद करना कठिन है कि वह भाजपा में शामिल होंगे।’
कमलनाथ पार्टी की संपत्ति- उमंग सिंघार
कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बारे में पूछने पर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा, ’यह सब अफवाहें हैं, कमलनाथ ने कभी ऐसा कुछ नहीं कहा है। वह पार्टी की संपत्ति हैं’।
कमलनाथ क बीजेपी में जाने की बात मीडिया की उपज- जीतू पटवारी
कमलनाथ के करीबी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने रविवार को मीडिया से कहा, ’कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने (पार्टी छोड़ने के बारे में) ऐसा कुछ भी नहीं सोचा है। अभी उनका फोकस इस बात पर है कि मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर जातीय समीकरण कैसे होंगे। कमलनाथ के ठश्रच् में जाने की बात मीडिया की उपज है। वे कहीं नहीं जा रहे हैं।’
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, ’मेरी कमलनाथ जी से बात हुई है। उन्होंने कहा कि मीडिया में जो बातें आ रही हैं, ये भ्रम हैं। मैं कांग्रेसी था, हूं और रहूंगा।’ हालांकि, देर रात तक कमलनाथ की तरफ से कोई बयान नहीं आया कि वे कांग्रेस में रहेंगे या भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने सुबह दिल्ली में अपने आवास से निकलते वक्त मीडिया से सिर्फ इतना ही कहा था, ’अभी तो मेरी कहीं बात नहीं हुई है। मैं तेरहवीं में जा रहा हूं।’
राहुल गांधी के फोन के बाद फंसा दल-बदल का पेंच
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने रविवार को कमलनाथ से फोन पर चर्चा की। इसके बाद सियासी समीकरण बदल गए। राहुल ने नाथ से कहा कि आपने पार्टी और देश के लिए बहुत कुछ किया है। पार्टी ने हमेशा सम्मान किया है, आगे भी करती रहेगी।’ इसी के बाद कथित दल-बदल पर पेंच फंस गया। पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी भी बोले कि कमलनाथ जी ने कहा है- जो बातें आ रही हैं, सब भ्रम है। लोकतंत्र में हार-जीत लगी रहती है। हर परिस्थिति में कांग्रेस के विचार के साथ जीवन जिया है और अंतिम सांस तक जिउंगा।