जबलपुर। मध्य प्रदेश में जबलपुर के माउंटेन मैन अंकित सेन दो महाद्वीपों पर तिरंगा फहराने के बाद अब तीसरे महाद्वीप पर जाने की तैयारी में है। अंकित सेन अब 15 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के सबसे ऊंचे शिखर माउंट कोज़िअस्को में भारत का आन बान और शान राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। जिसके लिए वह जल्द ही शहर से रवाना होंगे।
एक छोटे से गांव से आए हैं अंकित
जबलपुर के एक मझौली गांव में रहने वाले अंकित सेन का सपना है कि सातों महाद्वीप में जाकर भारत का झंडा फहराए। इसके बाद विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट में जाएं। अंकित की फैमिली बैकग्राउंड की बात करे तो अंकित बहुत ही साधारण परिवार से आते हैं। अंकित के पिता लेबर हैं जो खेत में रहकर काम करते हैं, जबकि मां हाउस वाइफ हैं। फिलहाल अभी तक अंकित ने दो महाद्वीपों की यात्रा पूरी कर ली है। जबकि अब तीसरी यात्रा ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के सबसे ऊंचे शिखर की होगी। जिसको लेकर अंकित 6 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होंगे। इसके लिए वीजा भी तैयार हो चुका है और अंकित ने तैयारी भी पूरी कर ली हैं।
माइनस टेंपरेचर में करेंगे कारनामा
अंकित जब तिरंगा लेकर निकलेंगे उस वक्त ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में माइनस में टेंपरेचर रहेगा। जिसके लिए वो पिछले करीब 1 साल से हिमाचल और सिक्किम की चोटी पर ट्रेनिंग कर रहे थे। उन्होंने बताया भारत और ऑस्ट्रेलिया के टेंप्रेचर में बहुत अंतर है। जिसको लेकर उन्होंने पिछले एक साल से हिमाचल की पहाड़ियों में जाकर अपनी बॉडी को वैसा तैयार किया है। उन्होंने बताया जिस चोटी पर चढ़ना है उसकी ऊंचाई 7,310 फीट लगभग हैं। जो कि ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के सबसे ऊंचे शिखर की चोटी है।
करीब 3 लाख रुपए जुटाने में लगे हुए हैं अंकित
माउंटेन मैन अंकित का कहना है दो महाद्वीप में जाने के बाद काफी खर्च हो चुका है। जिसके चलते अब फिर तीसरा पड़ाव पार करने के लिए पैसे जुटाने में लग गए हैं। अंकित के परिवार की हालत अच्छी नहीं है, लिहाजा अंकित पैसों के जुगाड़ में भी लगे हैं। ताकि उनकी देश का नाम ऊंचा करने की कोशिश और इच्छा पूरी हो सके।
अंकित ने बताया की ऑस्ट्रेलिया के सबसे ऊंचे शिखर तक जाने के लिए करीब तीन लाख रुपए खर्च होगा। अंकित का कहना है 6 से 7 घंटे खुद को देते हैं, जिसमें एडवेंचर स्पोर्ट्स से लेकर साइकलिंग, स्विमिंग पूल और ट्रैकिंग सहित अन्य चीज अलग-अलग समय पर जाकर प्रेक्टिस किया करते हैं और भारत का तिरंगा लहराने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इसके पहले भी अंकित ने 26 जनवरी 2023 को अफ्रीका महाद्वीप के सबसे ऊंचे शिखर माउंट किलमजारों और 15 अगस्त 2023 को यूरोप महाद्वीप के सबसे ऊंचे शिखर माउंट एलब्रश में राष्ट्रीय ध्वज फहरा चूके हैं।