सिवनी। जिले के धनोरा स्थित सीएम राइज स्कूल में बुधवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाज में जनजागरण की जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करना था।
यह कार्यक्रम कार्यालय उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, जिला सिवनी के निर्देशानुसार तथा जनपद पंचायत धनोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओंकार सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। नोडल अधिकारी रेवती खेरवार के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसमें सहभागिता की।
स्कूल के प्राचार्य जावरिया, धनोरा थाना प्रभारी मनीष बंसोड़ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पंचायत, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। थाना प्रभारी ने छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार और समाज की खुशहाली को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। वक्ताओं ने छात्राओं से आग्रह किया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से बचें और अपने घर-परिवार तथा गांव के लोगों को भी इसके गंभीर दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। उन्हें ष्नशे से दूरी है जरूरीष् का संदेश देते हुए सामाजिक बदलाव का माध्यम बनने के लिए प्रेरित किया गया।
नशा मुक्त समाज बनाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय जनपद पंचायत धनोरा के अनिल ककोड़िया ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक नशा मुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार का नशा मुक्त भारत अभियान देशभर में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने, जागरूकता बढ़ाने और समाज की सहभागिता से नशामुक्त वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। विद्यालयों में ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।