उज्जैन। गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस्कॉन मंदिर की ओर से इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा पहली बार तीन अलग-अलग पारंपरिक रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। भगवान के लिए ढाई लाख रुपए की विशेष शाही पोशाक तैयार कराई गई है।
बंगाल के कारीगरों ने तैयार की शाही पोशाक
इस्कॉन मंदिर के पीआरओ राघव पंडित दास प्रभु ने बताया कि भगवान की विशेष पोशाक तैयार करने के लिए बंगाल से 10 कारीगर बुलाए गए थे। पिछले दो महीनों से कारीगरों ने रेशमी वस्त्रों पर जापान से मंगवाए गए विशेष मोतियों, जरी, धागों और डायमंड से आकर्षक पोशाक तैयार की है। पोशाकों पर धार्मिक प्रतीकों की सुंदर कारीगरी भी की गई है। आयोजकों के अनुसार नंदीघोष रथ सबसे विशाल होगा और श्रद्धालु स्वयं रस्सियां खींचकर रथ यात्रा में सहभागी बनेंगे।
इस बार बदला गया यात्रा का मार्ग
राघव पंडित दास प्रभु ने बताया कि हर वर्ष बुधवारिया क्षेत्र से निकलने वाली रथयात्रा इस बार आगर रोड स्थित मंडी चौराहे से प्रारंभ होगी। यात्रा के स्वरूप और मार्ग में बदलाव किया गया है ताकि अधिक श्रद्धालु इसमें शामिल हो सकें।
प्रदेशभर में 101 स्थानों पर निकलेगी रथयात्रा
प्रदेश सरकार के सहयोग से इस वर्ष मध्य प्रदेश में 101 स्थानों पर भगवान जगन्नाथ की रथयात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। इनमें उज्जैन इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगी।
खाती समाज भी निकालेगा पारंपरिक रथ
खाती समाज की ओर से भी हर वर्ष की तरह ढाबा रोड से भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक रथयात्रा निकाली जाएगी। हालांकि सड़क निर्माण कार्य के कारण इस बार यात्रा का मार्ग छोटा रखा गया है और यह गोपाल मंदिर तक ही जाएगी।
विदेशी श्रद्धालु और झांकियां बढ़ाएंगी आकर्षण
रथयात्रा में ढोल-ताशा दल, हाथी, घोड़े, बग्घियां, कीर्तन मंडलियां और भगवान की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बैलगाड़ियों पर श्रीकृष्ण और गोपियों की वेशभूषा में सजे बच्चे भी शामिल होंगे। देश-विदेश से आए श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन और भगवान जगन्नाथ के जयघोष के साथ यात्रा की भव्यता को और बढ़ाएंगे।