शाजापुर। जिले की प्रमुख सब्जी मंडी पोलायकलां को आज तक पूर्ण मंडी का दर्जा नहीं मिल पाया है। जबकि यहां से उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र और सिलीगुड़ी सहित कई राज्यों में प्याज का व्यापार होता है और हर वर्ष करीब डेढ़ करोड़ रुपये का मंडी शुल्क प्राप्त होता है। इसके बावजूद दर्जा नहीं मिलने से किसान और व्यापारी नाराज हैं।
करीब डेढ़ वर्ष पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कालापीपल दौरे के दौरान पोलायकलां को पूर्ण मंडी का दर्जा देने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद किसानों और व्यापारियों को जल्द निर्णय की उम्मीद थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मंडी के लिए पर्याप्त भूमि भी उपलब्ध बताई जा रही है।
व्यापारी संघ और किसानों का आरोप है कि संबंधित अधिकारी मंडी की वास्तविक आय कम दर्शाकर जनप्रतिनिधियों को गुमराह कर रहे हैं। उनका कहना है कि सही आंकड़े शासन के सामने रखे जाएं तो पूर्ण मंडी का दर्जा मिलने में कोई बाधा नहीं होगी।
किसानों का कहना है कि पूर्ण मंडी का दर्जा मिलने से व्यापार का विस्तार होगा, किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, अधिक खरीदार आएंगे और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। किसान और व्यापारी अब मुख्यमंत्री की घोषणा को जल्द अमल में लाने की मांग कर रहे हैं।