चित्तौड़गढ़। न्यायालय ने पशु तस्करी के आरोप में वर्ष 2007 के मामले में 45 आरोपियों को दोष मुक्त किया है इन पर पशु तस्करी का आरोप लगा था इनमें से नौ लोगों की मौत भी हो चुकी है आरोपियों के अधिवक्ता नरेश शर्मा ने बताया कि 27 अप्रैल 2007 को मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के रहने वाले खेती करने वाले किसान कोटा के मेले में बैलों की जोड़ियां खरीद कर अपने गांव ले जा रहे थे शंभूपुरा पुलिस ने पशु तस्करी के मामले में वाहनों समेत इनको गिरफ्तार कर लिया जबकि उनके पास कोटा नगर निगम की रसीद पशुओं के मेडिकल प्रमाण पत्र भी थे तथा अन्य दस्तावेज होने के बाद भी इनको तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया इनको राजस्थान पशु वध अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया इस मामले में 45 लोगों को नामजद किया गया था तभी से न्यायालय में प्रकरण विचाराधिन था अधिवक्ताओं ने साक्ष्य प्रस्तुत किया तथा न्यायालय ने इनको कृषक माना है तथा इनको बरी किया गया अधिवक्ता ने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि उस समय प्रकरण बनाने के चलते दस्तावेजों को संज्ञान में नहीं लिया गया न्यायालय के समक्ष पेश किया है 45 में से नौ लोगों की मौत हो चुकी है 8 अभियुक्त वर्तमान में भी फरार हैं जो अभियुक्त न्यायालय में मौजूद है उनको दोष मुक्त किया गया है बरहाल 17 वर्षों के बाद इस मामले में किसानों को राहत मिली है।