मंदसौर। शहर सहित जिले के कुछ क्षेत्रों में दोपहर बाद अचानक बारिश शुरू हो गई। मंदसौर शहर में करीब 10 मिनट तक रिमझिम बारिश हुई। जबकि मल्हारगढ़ के नापाखेड़ा समेत अन्य क्षेत्रों में भी बारिश हुई। इस बारिश ने कृषि मंडी में खुले में पड़ी सोयाबीन समेत अन्य उपज को प्रभावित किया, जिससे कई किसानों को नुकसान हुआ है।
किसानों का आरोप- मंडी में प्रशासनिक लापरवाही हुआ नुकसान
किसानों का कहना है कि बारिश का अलर्ट या बारिश जैसी स्थिति होने पर मंडी प्रशासन को छपरे से बाहर खुले में पड़ी उपज की नीलामी पहले करनी चाहिए। सोयाबीन के लिए आए किसान प्रहलाद पाटीदार ने बताया कि सुबह उनकी उपज बिक सकती थी, लेकिन मंडी प्रशासन ने पहले छपरे में पड़ी उपज को नीलाम करवाने का फैसला किया। इसके चलते बारिश के कारण करीब 100 क्विंटल माल खराब हो गया।
किसानों का यह भी कहना है कि सोयाबीन के भाव पहले ही सही नहीं मिल रहे हैं और अब बारिश के कारण हुए नुकसान से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। एक अन्य किसान ने बताया कि मंडी में उन्हें 3500 से 4500 रुपए के भाव ही मिल रहे हैं। जिससे उनकी आमदनी पर गहरा असर पड़ा है।
मंडी सचिव पर्वत सिंह सिसोदिया ने स्थिति को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि मंडी में माल की आवक ज्यादा है। उन्होंने यह भी बताया कि वे किसानों को अलर्ट करते हैं कि छपरे से बाहर उपज न रखें। हालांकि, किसान उनकी बात नहीं मानते। बारिश की वजह से कुछ देर के लिए मंडी में नीलामी में रुकावट आई। हालांकि,अब यह फिर से शुरू हो गई है।
किसानों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक है कि मंडी प्रशासन उचित कदम उठाए। जिससे भविष्य में किसानों को इस तरह के नुकसान से बचाया जा सके। किसानों ने मांग की है कि ऐसी स्थितियों में उनके हितों की रक्षा के लिए प्रभावी नीतियों का पालन किया जाए।