मंदसौर। जिले की पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी में मंगलवार को लहसुन लेकर पहुंचे किसानों को गेट नंबर-1 बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। राजस्थान, इंदौर, उज्जैन सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से किसान लहसुन लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन प्रवेश नहीं मिलने से उन्हें काफी देर तक गेट के बाहर इंतजार करना पड़ा। इस दौरान करीब 40 से 50 मोटरसाइकिलें गेट के बाहर खड़ी रहीं।
कुछ किसान मोटरसाइकिलों पर लहसुन की बोरियां लेकर पहुंचे थे। प्रवेश नहीं मिलने पर उन्होंने गेट के ऊपर से ही लहसुन की बोरियां मंडी परिसर में डाल दीं। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने मौके पर पहुंचकर मंडी प्रशासन से किसानों को तत्काल प्रवेश देने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने पहुंचकर खुलवाया गेट-
जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे और मंडी प्रशासन से चर्चा कर किसानों को तत्काल मंडी में प्रवेश देने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को मंडी में अपनी उपज लाने के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंडी की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया गया तो कांग्रेस किसानों के साथ आंदोलन करेगी।
इसके बाद मंडी प्रशासन ने गेट नंबर-1 खुलवाया और किसानों की मोटरसाइकिलों को मंडी परिसर में प्रवेश दिया गया।
सफाई और रोशनी व्यवस्था पर भी उठे सवाल-
कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने मंडी परिसर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर में कई स्थानों पर गंदगी फैली हुई है। इसके अलावा मंडी के पीछे तथा राजीव गांधी उद्यान के पास पर्याप्त रोशनी नहीं होने की बात भी कही।
उनका आरोप है कि अंधेरा होने के कारण लहसुन से भरे वाहनों से चोरी की घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने मंडी में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था किए जाने की मांग की।
सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी-
अनिल शर्मा और दिनेश गुप्ता काचरिया ने मंडी में तैनात सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसानों की सुविधा और उनकी उपज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंडी में पर्याप्त एवं प्रभावी व्यवस्थाएं होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि मंडी प्रशासन ने जल्द व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।
मंडी सचिव बोले- बैठक में हूं, जानकारी नहीं
मामले में पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी के सचिव जगदीश भांबर से जानकारी लेने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि वे उज्जैन मंडी बोर्ड की बैठक में हैं और उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं है।