गुना। लक्ष्मी नारायण मंदिर स्थित भुजरिया तालाब पर विवाह के बाद की परंपरा के अनुसार मोहर विसर्जन का कार्यक्रम उत्साह और धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं गाजे-बाजे के साथ तालाब पर पहुंचीं और धार्मिक परंपरा के अनुसार मोहर का विसर्जन किया।
भुजरिया तालाब पर विसर्जन के लिए महिलाओं और बच्चों की भीड़ जुटी रही। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम नजर नहीं आए। इसको लेकर मंदिर प्रबंधन ने चिंता जताई।
भुजरिया तालाब मंदिर के महंत राघवेंद्र दास ने बताया कि तालाब पर प्रशासन की ओर से कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई थी। ऐसे में मंदिर की ओर से कुछ युवकों को राशि देकर तालाब के अंदर तैनात किया गया। ये युवक तैरना जानते थे और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में मदद के लिए मौजूद रहे।
बताया गया कि भुजरिया तालाब गुना का सबसे पुराना घाट है, जहां हर वर्ष मोहर विसर्जन के लिए हजारों की संख्या में महिलाएं और बच्चे पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन की ओर से उचित इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है।