नीमच। वैसे तो पूरे देश में लहुसन के उत्पादन में मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर हैं। लेकिन एक हैरत करने वाला मामला भी सामने आया हैं। इंडो-नेपाल बॉर्डर पर लहसुन की रिकॉर्ड उपज को लेकर भी लोग हैरत में हैं। ये मामला चाइनीज लहसुन से जुड़ा हुआ हैं। इस बड़े कारनामे को तस्करों ने कर के दिखाया हैं। चाइनीज लहसुन के इस बड़े कारनामे का खुलासा तब हुआ जब भारत-नेपाल बॉर्डर के पास के एक व्यापारी ने 120 क्विंटल लहुसन चोरी की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज करवाई। भारत-नेपाल सीमा पर चाइनीज लहसुन की तस्करी लगातार बढ़ती जा रही हैं। वहीं सुरक्षा एजेंसिया इस मामले को लेकर अभी भी मौन हैं।

बीच रास्ते से गायब हुआ लहसुन से भरा ट्रक-
इंडो-नेपाल बॉर्डर से लगे उत्तर प्रदेश के महराजगंज क्षेत्र के ठूठीबारी थाने पर व्यापारी चन्दन यादव ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके भाई ने क्षेत्र से 120 क्विंटल लहसुन इकट्ठा किया था और तमिलनाडु के चेन्नई शहर में स्थित बालाजी ट्रेडर्स को भेजने के लिए हरियाणा के ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक बुक किया था। व्यापारी की गैरमौजूदगी में कर्मचारियों द्वारा ट्रक लोड कर कृषि मंडी के गेट के सहारे उसे चेन्नई रवाना कर दिया और ट्रक रास्ते से ही गायब हो गया। ऐसे में अब इंडो-नेपाल बॉर्डर पर अचानक से लहसुन के रिकॉर्डतोड़ उपज से हर कोई हैरत में हैं। धान, चावल, गन्ना, गेहूं की फसल तो आम बात थी।

यूपी से सामने आया हैरत में डालने वाला मामला-
अब ये हैरत में डालने वाला मामला आम लोगों के गले नहीं उतर रहा हैं कि इस क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में लहुसन की पैदावार हो रही हैं। पुलिस ने आनन फानन में व्यापारी की शिकायत पर लहसुन चोरी का मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन लहसुन कहां से आया, किससे खरीददारी हुई, यह बात सामने नहीं आई है। नेपाल में ये चाइनीज लहुसन 80 रूपए प्रति किलो बिक रहा हैं, लेकिन भारत में चाइनीज लहसुन 200 से 250 रूपए प्रति किलो तक बिक रहा हैं। भारत में चाइनीज लहसुन के अच्छे भाव मिलने से और मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में तस्कर बॉर्डर के रास्ते चोरी-छुपे चाइनीज लहसुन की तस्करी भी लगातार कर रहे हैं।

भारत-नेपाल बॉर्डर पर बना रखे हैं गोदाम-
नेपाली तस्करों ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर बड़े बड़े गोदाम बना रखे हैं। इन गोदामों में चाइनीज लहसुन का अवैध भंडारण किया जाता हैं। पिकअप वाहन में भरकर तस्कर इस चाइनीज लहसुन को भारत में लाते हैं और ऊंचे दामों में यहां बेचते हैं। तस्करों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि कभी-कभी दिन में भी चाइनीज लहसुन से भरी पिकअप बॉर्डर पार करवा देते हैं। पूरे रास्ते तस्कर माल की निगरानी करते हैं। वहीं सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने हुए दिखाई देते हैं।
मालवा की नीमच मंडी में धड़ल्ले से गिरे थे दाम-
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी औषधि उपज वाली नीमच मंडी सहित कई मंडियों में किसानों के साथ व्यापारियों ने चाइनीज लहसुन को लेकर आवाज बुलंद की हैं। चाइनीज लहुसन के कारण भारतीय लहसुन के भाव में अचानक से बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। नीमच की कृषि उपज मंडी में लहसुन के भाव 10 से 12 हजार रूपए प्रति क्विंटल तक गिर गए थे। जिसके बाद किसान काफी आक्रोशित हो उठे थे। वहीं व्यापारियों ने भी कुछ दिनों के लिए लहसुन की नीलामी पर रोक लगा दी थी। इंडो-नेपाल बॉर्डर के रास्ते तस्करों द्वारा लाई जा रही जहरीली चाइनीज लहसुन ने भारतीय किसानों की कमर तोड़ने का काम किया हैं।
